समाज कल्याण विभाग ने ‘मिशन कर्मयोगी अभियान’ के तहत कर्मचारियों को डिजिटल प्रशिक्षण से जोड़ा

लखनऊ् प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी पहल ‘मिशन कर्मयोगी अभियान’ को समाज कल्याण विभाग उत्तर प्रदेश में सफलतापूर्वक लागू कर रहा है। इस अभियान के तहत विभागीय अधिकारी और कर्मचारी डिजिटल प्रशिक्षण के माध्यम से अपनी कार्यकुशलता बढ़ाकर जनता को पारदर्शी और प्रभावी सेवाएं प्रदान करने के लिए लगातार दक्ष बन रहे हैं।समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने बताया कि सितंबर 2025 तक कुल 3,900 अधिकारी, नियमित/संविदाकर्मी एवं शिक्षक आईजीओटी कर्मयोगी पोर्टल पर पंजीकृत हो चुके हैं। इन कर्मचारियों ने अब तक 21,150 कोर्स पूरे किए हैं, जिनमें लगभग 15,893 घंटे का प्रशिक्षण शामिल है। आंकड़ों के अनुसार, 2,759 कर्मचारियों ने कम से कम एक कोर्स, 2,289 कर्मचारियों ने तीन या उससे अधिक कोर्स पूरे किए हैं। वहीं, 1,611 कर्मचारी तीन से कम कोर्स पूरा कर पाए और 1,141 कर्मचारियों ने अभी प्रशिक्षण पूरा नहीं किया है।राज्यमंत्री  असीम अरुण ने कहा कि मिशन कर्मयोगी का उद्देश्य प्रत्येक सरकारी अधिकारी और कर्मचारी को दक्ष, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। इस प्रशिक्षण से अधिकारी नई कार्यशैली, नीतियों और प्रबंधन कौशल सीखकर जनता को बेहतर सेवाएं प्रदान करेंगे।प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में योगा ब्रेक एट वर्कप्लेस से तनावमुक्त कार्यसंस्कृति, POSH Act 2013, Procurement Process on GeM, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, बेसिक्स ऑफ एआई और राइट टू इनफॉरमेशन अधिनियम जैसे विषय शामिल हैं। इन पाठ्यक्रमों से कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता, महिला सुरक्षा जागरूकता, पारदर्शिता और तनावमुक्त कार्यसंस्कृति को बढ़ावा मिलता है।समाज कल्याण विभाग की यह पहल न केवल कर्मचारियों की क्षमता में वृद्धि करती है, बल्कि प्रदेश में सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता को भी सुनिश्चित