आईटीआई बहराइच की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक अव्यवस्थाओं के विरोध में एबीवीपी ने मुख्य विकास अधिकारी को सौंपा ज्ञापन

आईटीआई बहराइच की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक अव्यवस्थाओं के विरोध में एबीवीपी ने मुख्य विकास अधिकारी को सौंपा ज्ञापन

 

बहराइच। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), नानपारा रोड, बहराइच में व्याप्त शैक्षणिक एवं प्रशासनिक अव्यवस्थाओं को लेकर जिलाधिकारी के अनुपस्थित में जिले के मुख्य विकास अधिकारी बहराइच को ज्ञापन सौंपते हुए निष्पक्ष जांच एवं आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

 

एबीवीपी अपने स्थापना काल से ही शैक्षिक एवं सामाजिक विषयों पर आंदोलनात्मक एवं रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में सतत योगदान देती रही है। इसी क्रम में संस्थान में अध्ययनरत प्रशिक्षुओं से लगातार प्राप्त हो रही शिकायतों के आधार पर परिषद के कार्यकर्ताओं ने मामले का संज्ञान लिया। परिषद के अनुसार, प्रशिक्षुओं की शिकायतों के संबंध में संस्थान की प्रधानाचार्या स्मृति शर्मा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, किंतु कई प्रयासों के बावजूद मुलाकात नहीं हो सकी। दूरभाष पर हुई वार्ता में भी कोई संतोषजनक उत्तर प्राप्त नहीं हुआ। इसके बाद परिषद कार्यकर्ताओं ने संस्थान में जाकर प्रशिक्षुओं एवं कर्मचारियों से जानकारी प्राप्त की, जिसमें यह आरोप सामने आया कि प्रधानाचार्या नियमित रूप से संस्थान में उपस्थित नहीं रहती हैं।

 

एबीवीपी प्रांत संयोजक जनजातीय कार्य आदर्श शुक्ला का कहना है कि लगातार कई सप्ताह तक प्रधानाचार्या के संस्थान में न मिलने पर 7 जुलाई 2026 को प्रतीकात्मक रूप से “लापता प्रधानाचार्य” का पोस्टर संस्थान परिसर में लगाया गया। परिषद के अनुसार, पोस्टर लगाए जाने के लगभग एक से डेढ़ घंटे बाद प्रधानाचार्या संस्थान पहुंचीं। परिषद ने आरोप लगाया कि इस दौरान कार्यकर्ताओं के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया तथा कर्मचारियों से दबाव बनाकर पुलिस चौकी नानपारा रोड में तहरीर दिलाई गई। आदर्श ने कहा कि पोस्टर लगाए जाने की सूचना के बाद मुख्य विकास अधिकारी द्वारा संस्थान का औचक निरीक्षण किया गया। जिला संयोजक आशुतोष मिश्रा ने कहा कि निरीक्षण के दौरान तथा उसके बाद दिए गए प्रधानाचार्य के कुछ बयानों में भी विरोधाभास देखने को मिला, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

जिला संयोजक आशुतोष मिश्रा ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती है, तो विद्यार्थी हित में लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण आंदोलन किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। इस मौके पर जिला संगठन मंत्री आकाश पाण्डेय,तहसील संयोजक अमित,नगर मंत्री हर्षित जायसवाल उपस्थित रहे।