माता-पिता को समर्पित

माता-पिता को समर्पित

‘विमला ज्ञान साहित्य मंच’ पर काव्य गोष्ठी संपन्न

 

माता-पिता/ सास-ससुर की स्मृतियों को जीवंत रखने के उद्देश्य से अंजू श्रीवास्तव/ सुधीर श्रीवास्तव द्वारा स्थापित ‘विमला ज्ञान साहित्य मंच’ पर आभासी काव्य गोष्ठी का ‘आयोजन 25 अप्रैल ‘2026 को किया गया। गोष्ठी शाम 06.00 बजे से रात्रि लगभग 08.15 बजे तक निरंतर गतिमान रहकर भव्यता के साथ संपन्न हुई।

 

काव्यगोष्ठी का शुभारंभ वरिष्ठ ओज कवि मनोज मंजुल की वाणी वंदना से हुआ। तत्पश्चात मंच संरक्षक डा. सुधीर श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन में नव मनोनीत पदाधिकारियों अध्यक्ष डा. अभय ज्योति ‘जिज्ञासु’, संयोजक डा. शिवनाथ सिंह शिव, मार्गदर्शक राम मनोहर लाल का परिचय कराया और बधाइयां शुभकामनाएं देते हुए मंच के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विमला ज्ञान साहित्य मंच संस्थापिका अंजू श्रीवास्तव ने अपने माता-पिता और सास ससुर की स्मृतियों को सहेजने और नवोदित रचनाकारों को प्रेरित करने के उद्देश्य से किया गया है। मार्गदर्शक अपने संबोधन में आयोजन में शामिल सभी सम्मानित मनीषियों का स्वागत अभिनंदन किया। संयोजक डा. शिवनाथ सिंह ‘शिव’ ने आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मंच अपने उद्देश्यों की दिशा में निरंतर प्रयास कर रहा है और आगे भी करता रहेगा।

तत्पश्चात् काव्य पाठ का सिलसिला शुरू हुआ। लगभग 25 कवियों /कवयित्रियों ने नव मनोनीतमाता-पिता को समर्पित ‘विमला ज्ञान साहित्य मंच’ पर काव्य गोष्ठी संपन्न पदाधिकारियों को बधाइयां शुभकामनाएं देते हुए अपनी मनमोहक, उल्लासपूर्ण प्रस्तुतियों से काव्य गोष्ठी को ऊँचाइयों तक पहुँचाया।

वरिष्ठ कवयित्री दीपा शर्मा ‘उजाला’ ने विशिष्ट अंदाज में कुशल मंच संचालन के द्वारा काव्यगोष्ठी को सफलता बनाने में योगदान दिया।

 

अंत में वरिष्ठ कवि आदर्श बेरी ने आयोजन के प्रति प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मंच परिवार और उपस्थिति कवियों/ कवयित्रियों का आभार धन्यवाद किया, जबकि वरिष्ठ कवि आर. एम. लाल ने अपने विचार व्यक्त करने के साथ ही गोष्ठी के विराम की घोषणा की।

आयोजन को सफल बनाने में विभिन्न मंचों के पदाधिकारियों, वरिष्ठ कवियों कवयित्रियों का सराहनीय योगदान रहा। सभी पदाधिकारियों और शुभचिंतकों की सक्रिय गरिमामय उपस्थिति से आयोजन को सफल बनाने में सफलता प्राप्त हुई।