सिद्ध पीठ सियाराम किला में साकेतवासी महंतों की पुण्यतिथि पर संतों ने अर्पित की भावभीनी श्रद्धांजलि

 

महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। सरयू तट स्थित प्रसिद्ध सिद्ध पीठ सियाराम किला झुनकीघाट में शुक्रवार को पूर्व आचार्य महंत मिथिला शरण महाराज एवं महंत किशोरी शरण महाराज का पुण्यतिथि महोत्सव श्रद्धापूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर प्रांगण में एक भव्य श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिसमें अयोध्या के दिग्गज संत-महंतों और धर्माचार्यों ने साकेतवासी महंतों के चित्रपट पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
सनातन धर्म के स्तंभ थे साकेतवासी महं वर्तमान पीठाधीश्वर श्रीमहंत करुणानिधान शरण महाराज ने आए हुए सभी अतिथियों का स्वागत-सत्कार कर उन्हें विदाई दी। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सियाराम किला एक अत्यंत प्राचीन और सिद्ध पीठ है, जिसकी गणना अयोध्या की प्रमुख पीठों में होती है। साकेतवासी महंतों ने अपना संपूर्ण जीवन सनातन धर्म और हिंदू संस्कृति के प्रचार-प्रसार में समर्पित कर दिया। उन्होंने न केवल ‘सीताराम’ नाम की अलख जगाई, बल्कि वे गौ-सेवा और संत-सेवा के प्रति भी पूर्णतः समर्पित थे। इन प्रमुख संतों की रही गरिमामयी उपस्थिति श्रद्धांजलि सभा में अयोध्या के कई प्रतिष्ठित संतों ने हिस्सा लिया, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे। महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी निर्वाणी अनी के श्रीमहंत मुरली दास नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास महंत हेमंत दास (शृंगीऋषि आश्रम) श्रीमहंत बृजमोहन दास(खाकचौक) इसके अलावा महंत रामकुमार दास, महंत राघवेंद्र दास वेदांती, महंत गिरीश दास, महंत मनीष दास, महंत अवधकिशोर शरण, और महंत रामलोचन शरण सहित भारी संख्या में शिष्य, अनुयायी और मंदिर परिवार के लोग उपस्थित रहे। वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनकी सरलता और सेवा भाव आज भी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है।