महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। सेवा ही धर्म है के मूल मंत्र को अपने जीवन का आधार बनाने वाले प्रख्यात समाजसेवी सुशील कुमार चतुर्वेदी आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। समाज के वंचित, कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर समर्पित सुशील चतुर्वेदी को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर ‘समाजसेवी सम्मान (National Award)’ से नवाजा गया है। यह सम्मान उनके निस्वार्थ सेवा भाव और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के प्रयासों का प्रतिफल है।
बहुआयामी व्यक्तित्व और नेतृत्व
सुशील चतुर्वेदी न केवल सामाजिक कार्यों में अग्रणी हैं, बल्कि वे विभिन्न महत्वपूर्ण पदों का निर्वहन भी कुशलतापूर्वक कर रहे हैं। वर्तमान में वे राष्ट्रीय हिंदू रक्षा परिषद के धर्म प्रचार प्रदेश प्रभारी के रूप में धार्मिक एवं सांस्कृतिक जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इसके साथ ही, वे ‘BIG WASH Laundry (All in All)’ के संस्थापक भी हैं, जिसके माध्यम से वे प्रदेश में उद्यमिता और रोजगार को बढ़ावा दे रहे हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य और सेवा के क्षेत्र में योगदान सुशील चतुर्वेदी का सामाजिक दायरा बहुत व्यापक है। उनके द्वारा किए जा रहे प्रमुख कार्यों में शामिल हैं। शिक्षा का प्रसार: गरीब एवं जरूरतमंद बच्चों को कॉपी-किताबें और वस्त्र वितरित करना तथा उनकी शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना। बुजुर्गों व बेसहारा की सेवा: वृद्धाश्रमों का संचालन और बुजुर्गों की सेवा को वे अपना परम कर्तव्य मानते हैं। गौ सेवा एवं पर्यावरण: गौशालाओं के सुचारू संचालन और स्वच्छता एवं स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों में उनकी सक्रिय भागीदारी रहती है। हर व्यक्ति करें समाज के लिए योगदान अपने संदेश में सुशील चतुर्वेदी कहते हैं कि समाज की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। उनका मानना है कि समाज में प्रेम और सहयोग की भावना को तभी मजबूत किया जा सकता है जब हर व्यक्ति अपने स्तर पर दूसरों की मदद के लिए आगे आए। विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर जनकल्याण कार्यों का संचालन कर रहे सुशील चतुर्वेदी आज युवाओं के लिए प्रेरणा के स्रोत बने हुए हैं। उनके कार्यों की सराहना करते हुए क्षेत्र के प्रबुद्ध जनों ने उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।