महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। अयोध्या की 136 वर्ष प्राचीन साकेत भूषण समाज की परंपरा का निर्वहन करते हुए, शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर क्षीरसायी भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी जी की दिव्य भव्य झाँकी का आयोजन किया गया। इस भव्य आयोजन का शुभारंभ और दर्शन-पूजन प्रतिष्ठित संतों एवं गणमान्य अतिथियों द्वारा किया गया। झाँकी के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष- संकट मोचन सेना पूज्य संत संजय दास महाराज उपस्थित रहे। उनके साथ, श्रृंगी ऋषि पीठाधीश्वर महंत हेमंत दास महाराज, महंत डॉ महेश दास महाराज, और महंत राजेश दास महाराज ने भी अपनी उपस्थिति से समारोह की गरिमा बढ़ाई। अयोध्या के महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने भी इस प्राचीन परंपरा के साक्षी बनकर झाँकी के दर्शन किए और समाज के प्रयासों की सराहना की। उपस्थित सभी संतों ने इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी प्राचीन परंपराएं धर्म, संस्कृति और सामाजिक एकता को मजबूत करती हैं, और अयोध्या नगरी की आध्यात्मिक पहचान को बनाए रखती हैं। इस अवसर पर, साकेत भूषण समाज के सभी पदाधिकारीगण एवं व्यापारी बंधु उपस्थित रहे, जिन्होंने इस वर्ष भी झाँकी के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। झाँकी का दर्शन-पूजन करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी उपस्थित हुए, जिन्होंने भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी जी के इस मनोहारी स्वरूप का आशीर्वाद प्राप्त किया। यह आयोजन अयोध्या की समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करता है।