महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या की ऐतिहासिक और सबसे पुरानी रामलीलाओं में से एक, जिसका आयोजन पिछले 75 वर्षों से लगातार हो रहा है, इस वर्ष एक भव्य और नए स्थल पर शुरू हुई है। अयोध्या रामलीला महोत्सव समिति द्वारा आयोजित यह रामलीला, जो पहले राजेंद्र निवास में हुआ करती थी, अब श्रद्धालुओं की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राम की पैड़ी के पवित्र स्थल पर आयोजित की गई है।
रामलीला महोत्सव का शुभारंभ श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। उन्होंने भगवान श्रीराम की आरती उतारी और साष्टांग प्रणाम करते हुए अपने संबोधन में कहा, “यह रामलीला पहले मोहल्ले में होती थी, अब राम की पैड़ी जैसे पवित्र स्थल पर हो रही है। इससे अयोध्या वासियों के साथ-साथ यहां आने वाले श्रद्धालु भी इसका लाभ उठा सकेंगे।”
अयोध्या तीर्थपुरोहित धर्मार्थ सेवा ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश महाराज ने इस बदलाव पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि रामलीला के स्थल को बदलने का मुख्य उद्देश्य इसे अधिक व्यापक बनाना और अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को इससे जोड़ना है। रामलीला के शुभारंभ के अवसर पर अध्यक्ष महंत वैदेही वल्लभ शरण, संयोजक महापौर गिरिशपति त्रिपाठी, महामंत्री हरीश कुमार श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष महंत राजीव लोचन शरण, प्रबंधक डॉ. प्रभाकर मिश्रा, महंत रामायणी राम शरण दास, अयोध्या पुरोहित धर्मार्थ सेवा ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश महाराज, प्रदीप महाराज, नवीन शर्मा सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति और सैकड़ों श्रद्धालुओं ने रामलीला का आनंद लिया।