जितेन्द्र पाठक
संतकबीरनगर: रमजानुल मुबारक के 28वें रोजे के मुकम्मल होने के साथ ही 29वें रोजे के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। इसी बीच एक नन्हे रोजेदार का रोजा रखना चर्चा का विषय बना हुआ है। नगर पालिका खलीलाबाद स्थित मंडया मोहल्ले के रहने वाले मोहम्मद वहीद खान के पोते अरहान खान ने महज 8 साल की उम्र में रमजान के चार रोजे रखकर मिसाल पेश की है।
अरहान के इस नेक कार्य की खुशी में परिवार द्वारा एक शानदार रोजा इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया, जिसमें रिश्तेदारों और करीबी अहबाब ने शामिल होकर अरहान को मुबारकबाद दी और उसकी लंबी उम्र की दुआ मांगी।
अरहान के पिता मोहम्मद अकील खान, जो पेशे से इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हैं और दिल्ली की एक बड़ी कंपनी में कार्यरत हैं, उन्होंने बेटे के इस फैसले पर गर्व जताया। वहीं, अरहान के दादा मोहम्मद वहीद खान ने कहा कि इस्लाम त्याग, बलिदान और आत्मसमर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “हमारे छोटे रोजेदार ने अल्लाह की राह में रोजा रखा है, अल्लाह पाक उसके इस अमल को कुबूल फरमाए और उसे लंबी उम्र अता करे।”
रमजान के आखिरी दिनों में अरहान की यह नन्ही मगर बड़ी पहल समाज के लिए प्रेरणादायक है। ईद की तैयारियों के बीच यह खुशी का एक अनमोल पल बन गया, जहां परिवार और रिश्तेदारों ने मिलकर अरहान के इस नेक कार्य को सराहा और उसे दुआओं से नवाजा।