फसलों को नुकसान पहुंचा रहे जंगली जानवर

बस्ती : गौर ब्लाक क्षेत्र के गांवों में इन दिनों नीलगायों व जंगली सुअरों के आतंक से किसान परेशान हैं। ये जंगली जानवर फसलों को चर व रौंद कर बर्बाद कर रहें है।किसान अपनी गाढी कमाई को लेकर दिन रात परेशान हैं। फिर भी जिम्मेदारो द्वारा इन जानवरों से फसलों को बचाने के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं है। जिसके चलते कई किसान फसलों को बचाने के लिए रतजगा कर रहे हैं । मौजूदा समय में किसान की गेहूं, सरसों ,गन्ने आदि की फसले खेतों में खड़े हैं । नीलगाय झुंड के झुंड गेहूं के खेतों को चर व रौंद कर बर्बाद कर रहे हैं। वहीं खड़ी सरसों की फसलों के खेतों में धमाचौकड़ी मचाकर बर्बाद कर दें रहे हैं। जबकि जंगली सूअर खड़ी गन्ने की फसल को काट कर बर्बाद कर रहे है।आजिज किसानों ने प्रशासन से इन जानवरो के आतंक से छुटकारा दिलाने की मांग की है।आलम यह है कि इन जंगली जानवरों के भय से बहुत से किसान मटर ,अरहर मक्का आलू सहित तमाम प्रकार की सब्जी की खेती करना ही बंद कर दिया है।
कठौतिया सांवडीह गांव के किसान कृपाशंकर सिंह का कहना है कि मौजूदा समय में कुछ किसानों के गेहूं के फसल में बलिया निकल गई है तो बहुतों के खेतों में निकल रही है। ऐसे में अगर जंगली जानवर उनके गेंहू की फसल को चर कर बर्बाद कर देंगे तो दोबारा बाल नहीं निकलेगा। दिनमें तो गन्ना के खेतों में छुपे होते हैं पर जब खेतों को सूनासाना देखते हैं तो वह फसलों को चरने लगते हैं ।ऐसे में किसानों को दिन रात फसलों की रखवाली करनी पड़ रही है। महुवा डाबर गांव के किसान कुलदीप सिंह ने बताया कि बहुत से किसान सब्जी सहित कई प्रकार की दलहन की फसलों को बुआई करना ही बंद कर दिया है। क्योंकि आलू बोने के बाद जंगली सूअर आलू के बीज को खा कर बर्बाद कर देते हैं ।जबकि मटर, अरहर आदि फसलों को नीलगाय बर्बाद कर देते हैं।
इस संबंध में खंड विकास अधिकारी गौर केके सिंह ने बताया कि नीलगायों व अन्य जंगली जानवरों से फसलों को बचाने के लिए सरकार की कोई योजना नहीं है।