खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा, हरी खाद को बढ़ावा देने पर जोर

लखनऊ । कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने विधान भवन स्थित सभा कक्ष संख्या-8 में विभागीय अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक कर आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों की गहन समीक्षा की। बैठक में विभाग द्वारा तैयार की जा रही विशेष रणनीति पर चर्चा करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका मुख्य उद्देश्य रासायनिक खाद पर निर्भरता कम करना तथा हरी खाद के प्रयोग को व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित करना है, जिससे मृदा स्वास्थ्य और कृषि उत्पादकता में सुधार हो सके।बैठक के दौरान मंत्री ने बताया कि प्रदेश में हरी खाद को बढ़ावा देने के लिए 45,000 कुंतल ढैंचा बीज का वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त किसानों के बीच हरी खाद को लोकप्रिय बनाने के उद्देश्य से 20,000 कुंतल बीज के कुल 4 लाख निःशुल्क मिनीकिट वितरित किए जाएंगे। प्रत्येक मिनीकिट में एक-एक किलोग्राम ढैंचा, मक्का और उड़द के बीज तथा आधा-आधा किलोग्राम ग्वार, भिंडी, लोबिया और ज्वार के बीज शामिल किए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बीज पोर्टल खोलने की प्रक्रिया समयबद्ध ढंग से पूरी की जाए, ताकि किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध हो सकें।समीक्षा के दौरान खरीफ-2026 के प्रस्तावित वितरण लक्ष्यों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इस वर्ष सभी फसलों के लिए कुल 2,33,177 का वितरण लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष के 1,35,951 के लक्ष्य की तुलना में काफी अधिक है। इसमें धान (संकर व संकुल) के लिए 82,022, दलहन के लिए 48,249, तिलहन के लिए 43,622 तथा बाजरा के लिए 25,555 का लक्ष्य तय किया गया है। वहीं ‘श्री अन्न’ (मोटे अनाज) के अंतर्गत रागी, कोदो और सावा जैसी फसलों के लिए 2,475 का संयुक्त लक्ष्य निर्धारित किया गया है।कृषि मंत्री ने उर्वरक वितरण प्रणाली को सुदृढ़ करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश में खाद की बिक्री पर लगातार निगरानी रखी जाए तथा उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विशेष रूप से ऐसे जिलों और विकास खंडों को चिह्नित करने के निर्देश दिए, जहां फसलों की उत्पादकता कम है, ताकि वहां दीर्घकालिक और प्रभावी रणनीति बनाकर उत्पादन में सुधार किया जा सके।बैठक में प्रमुख सचिव कृषि रविंद्र, सचिव कृषि इंद्र विक्रम सिंह, निदेशक कृषि डॉ. पंकज त्रिपाठी, प्रबंध निदेशक बीज निगम टी.एम. त्रिपाठी सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।