Lucknow
किसानों और पशुपालकों की आर्थिक समृद्धि को ध्यान में रखते हुए यूको बैंक ने अमृतधारा स्कीम की शुरुआत की है। इस योजना का उद्देश्य गोवंश संरक्षण, दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देना और किसानों की आर्थिक स्थिति को सशक्त बनाना है। यह योजना भारत सरकार की पीएमएफबीवाई योजना के अनुरूप तैयार की गई है, जिसे सभी बैंकों द्वारा अपनाया गया है।उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग में इस योजना को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें पद्मश्री डॉ. भारत भूषण त्यागी, आयोग अध्यक्ष नव्व श्याम बिहारी गुप्त, नव्व पी. एस. ओझा और यूको बैंक के ज़ोनल मैनेजर नव्व आशुतोष सिंह सहित कई विशेषज्ञों ने भाग लिया। बैठक में इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और इसे ग्राम स्तर तक पहुँचाने की रणनीति पर व्यापक चर्चा की गई। आयोग ने इस योजना को किसानों की आर्थिक मजबूती के लिए प्राथमिकता के आधार पर लागू करने का संकल्प दोहराया।अमृतधारा स्कीम के तहत किसानों को 2 से 10 गाय पालने के लिए ₹10 लाख तक का ऋण मिलेगा, जिसमें से ₹3 लाख तक बिना किसी गारंटी के उपलब्ध होगा। योजना का उद्देश्य दुग्ध उत्पादन और जैविक खेती को बढ़ावा देना है। किसानों के बैंक खातों में सीधे भुगतान की सुविधा दी जाएगी और उन्हें ₹2 लाख तक का बीमा कवर भी मिलेगा। इस योजना के तहत बड़े चिलिंग सेंटर और दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्रों के लिए भी ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे छोटे किसानों और पशुपालकों को अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा।इस बैठक में गो सेवा आयोग के अध्यक्ष नव्व श्याम बिहारी गुप्त ने कहा कि यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और कृषि एवं पशुपालन को एकीकृत करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने इस योजना को गाँव-गाँव तक पहुँचाने और किसानों को इसका अधिकतम लाभ दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करने की बात कही।पद्मश्री डॉ. भारत भूषण त्यागी ने इस योजना को चक्रीय अर्थव्यवस्था और सहअस्तित्व की महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि यदि किसान समृद्ध होंगे, तो उनकी भूमि उपजाऊ बनी रहेगी, पशुपालन सही तरीके से होगा और स्वास्थ्य पर खर्च कम होगा, जिससे समाज का समग्र विकास संभव होगा। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर प्राकृतिक खेती के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि किसान अपनी भूमि की उर्वरता को बनाए रखते हुए विविध फसल उत्पादन कर सकें।यूको बैंक के ज़ोनल मैनेजर नव्व आशुतोष सिंह ने बताया कि अमृतधारा स्कीम छोटे किसानों और पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि ₹3 लाख तक के ऋण के लिए किसी भी प्रकार की गारंटी की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे छोटे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने किसानों से डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की, ताकि वे अपने उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुँचा सकें।बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अमृतधारा स्कीम को प्रदेश के हर गाँव तक पहुँचाने के लिए सरकारी और बैंकिंग संस्थाओं के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा। इस योजना से न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग ने स्पष्ट किया कि यह योजना जल्द ही पूरे राज्य में लागू की जाएगी, जिससे किसानों, पशुपालकों और जैविक उत्पादकों को आर्थिक संबल मिल सकेगा।