महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या धाम जैन मंदिर में एक भव्य आयोजन चल रहा है, जिसके अंतर्गत 107 जैन भगवानों की प्राण प्रतिष्ठा का महोत्सव मनाया जा रहा है। इस महोत्सव के बारे में जानकारी देते हुए आयोजकों ने बताया कि यह करोड़ों साल पुरानी चीजें हैं, जिन्हें पूज्य गुरुणी ज्ञानमती माताजी ने आज इतिहास को धरा पर साकार किया है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान ऋषभदेव इस धरती के प्रथम राजा थे। उनके पुत्र भरत थे, जिनके 923 पुत्र थे, लेकिन उनका मंदिर आज तक कहीं नहीं था। वे बातें शास्त्रों में थीं, जिन्हें पूज्य ज्ञानमती माताजी ने शास्त्रों से निकाल कर साकार कर दिया है और उनका मंदिर यहां पर बनाया गया है।
उन्होंने बताया कि जैन शास्त्रों के अनुसार भगवान मुनिसुव्रतनाथ और भगवान श्रीराम एक ही काल में हुए थे, इसलिए हमने भगवान मुनिसुव्रतनाथ के मंदिर को यहां पर बनाकर उस इतिहास को जीवंत किया है। इस महोत्सव में बड़ी संख्या में लोग भाग ले रहे हैं और दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं।