संयुक्त परिवार और भारतीय संस्कृति के संरक्षण पर मंथन, देशभर से जुटे 170 प्रतिनिधि

अयोध्या। भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में अखिल भारतीय जायसवाल वैश बंधु महासभा द्वारा दो दिवसीय गोष्ठी एवं कुंटुंब प्रोत्साहन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में बढ़ते एकल परिवारों के कारण उत्पन्न हो रही सामाजिक दूरियों को समाप्त कर संयुक्त परिवार व्यवस्था, भारतीय संस्कृति और संस्कारों को पुनर्जीवित करना रहा।
महासभा के अध्यक्ष ऋषि कुमार जायसवाल ने बताया कि वर्तमान समय में एकल परिवार व्यवस्था के कारण समाज में भिन्नता और सामाजिक विघटन की स्थिति पैदा हो रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए संगठन ने समाज को एकजुट करने और पुरानी पारिवारिक परंपराओं को पुनः स्थापित करने का संकल्प लिया है। गोष्ठी में इस बात पर विशेष चर्चा की गई कि किस प्रकार संयुक्त परिवार की पुरानी व्यवस्था को पुनः समाज में स्थापित किया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियों को भारतीय संस्कृति, संस्कार और पारिवारिक मूल्यों से जोड़ा जा सके।
कार्यक्रम में दिल्ली, आगरा, अलीगढ़, महाराष्ट्र, भिंड, मुरैना समेत देश के विभिन्न क्षेत्रों से करीब 170 प्रतिभागियों ने भाग लिया। दो दिवसीय इस आयोजन में सामाजिक एकता, भारतीयता और हिंदुत्व के मूल्यों को मजबूत करने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
प्रधानमंत्री द्वारा ऊर्जा संरक्षण को लेकर की जा रही अपील पर भी कार्यक्रम में चर्चा हुई। पदाधिकारियों ने बताया कि आयोजन में शामिल होने के लिए अधिकांश लोग निजी वाहनों के बजाय बसों के माध्यम से सामूहिक रूप से पहुंचे। इससे ईंधन की बचत हुई और ऊर्जा संरक्षण के संदेश को भी बल मिला। वक्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री की सोच को जन-जागरूकता के माध्यम से आगे बढ़ाना समाज की जिम्मेदारी है।
16 और 17 मई को आयोजित इस कार्यक्रम में महासभा के अध्यक्ष ऋषि कुमार जायसवाल, राजेश चंद्र जायसवाल, आलोक कुमार जायसवाल, उपाध्यक्ष विजय कुमार जायसवाल तथा जनरल सेक्रेटरी ॐ जायसवाल विशेष रूप से विनोद जायसवाल उपस्थित रहे। कार्यक्रम में राष्ट्रीय कार्यकारिणी एवं बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज के अन्य पदाधिकारियों ने भी सहभागिता कर समाजिक एकता और पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करने पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम का आयोजन अयोध्या स्थित अरुंधति होटल में किया गया, जहां सामाजिक एकजुटता, पारिवारिक मूल्यों और राष्ट्रहित से जुड़े विषयों पर व्यापक चर्चा हुई।