‘सही पोषण देश रोशन’ अभियान से गूंजा संत कबीर नगर, जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
नगरपालिका अध्यक्ष जगत जायसवाल की मौजूदगी में पहले 1000 दिन पर विशेष फोकस
कोलोस्ट्रम, मोटे अनाज और स्थानीय आहार से कुपोषण मिटाने का संदेश
जितेंद्र पाठक
संत कबीर नगर।जनपद में बाल विकास परियोजना शहर द्वारा ‘पोषण अभियान’ के अंतर्गत ‘सही पोषण देश रोशन’ थीम पर एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नगरपालिका अध्यक्ष खलीलाबाद जगत जायसवाल मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए पोषण पर विशेष ध्यान देना समय की आवश्यकता है और इसके लिए जनजागरूकता बेहद जरूरी है।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं एवं बच्चों में कुपोषण को समाप्त कर एक स्वस्थ समाज का निर्माण करना रहा। इस दौरान उपस्थित महिलाओं एवं अभिभावकों को संतुलित आहार, शिशु देखभाल एवं पोषण के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में बाल विकास विभाग ने जीवन के पहले 1000 दिनों (270 दिन गर्भावस्था और 730 दिन जन्म के बाद) को सबसे महत्वपूर्ण बताते हुए इस अवधि में विशेष देखभाल और संतुलित पोषण पर जोर दिया। अधिकारियों ने बताया कि यही समय बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास की मजबूत नींव रखता है।
जागरूकता अभियान के दौरान बैनर एवं संदेशों के माध्यम से पांच प्रमुख बिंदुओं को रेखांकित किया गया। इसमें जन्म के तुरंत बाद मां का पहला गाढ़ा पीला दूध (कोलोस्ट्रम) पिलाने को अनिवार्य बताया गया, जिसे बच्चे के लिए प्राकृतिक टीके के समान माना गया। साथ ही आंगनबाड़ी से मिलने वाले पोषाहार के साथ स्थानीय खाद्य पदार्थों को शामिल करने और ज्वार, बाजरा, रागी जैसे मोटे अनाज को आहार में अपनाने की अपील की गई।
अधिकारियों ने कहा कि पोषण में सुधार केवल योजनाओं से नहीं, बल्कि व्यवहार परिवर्तन से संभव है। इसके लिए प्रत्येक परिवार को जागरूक होकर स्वस्थ आदतें अपनानी होंगी। कार्यक्रम में सभी ने संकल्प लिया कि संत कबीर नगर को कुपोषण मुक्त और स्वस्थ जिला बनाने के लिए मिलकर प्रयास किया जाएगा।
यह अभियान बाल विकास परियोजना अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी एवं जिलाधिकारी के संयुक्त निर्देशन में संचालित किया जा रहा है। ‘पोषण अभियान’ एक राष्ट्रीय स्तर की योजना है, जिसका उद्देश्य 0 से 6 वर्ष के बच्चों, किशोरियों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के पोषण स्तर में समग्र सुधार लाना है।