कहतें हैं जब कोई स्त्री माँ बनती है, तो वो सिर्फ माँ ही रह जाती है,…
Category: विचार-लेख
जीवन की राहें उलझी हुई, हर मोड़ पर संघर्ष है
जीवन की राहें उलझी हुई, हर मोड़ पर संघर्ष है, मौत की ओर बढ़ते कदम, पर…
आजकल शादी में इतनी दिक्कत क्यों हो रही है
आजकल शादी में इतनी दिक्कत क्यों हो रही है? शादी – दो व्यक्तियों का एक…
ये कैसा नारी सशक्तिकरण?” – जब प्रेम हत्या बन जाए और शक्ति भटक जाए
“ये कैसा नारी सशक्तिकरण?” – जब प्रेम हत्या बन जाए और शक्ति भटक जाए नारी…
पितृ दिवस पर उपहार – नेहा वार्ष्णेय
पापा, इस पितृ दिवस पर मैं आपको कुछ उपहार देना चाहती हूं पर समस्या यह है…
राजा जैसे गुणों की खान हैं, आदरणीय नरेंद्र मोदी जी
राजा जैसे गुणों की खान हैं, आदरणीय नरेंद्र मोदी जी वर्ष 2014 में जब…
सुश्री पुष्पा जी के लिए एक नयी रचना समर्पित
सुश्री पुष्पा जी के लिए एक नयी रचना समर्पित..🌷🙏🌷 पुष्पों से पुष्पित पुष्पा हो, पल्लवित…
मैं नेहा वार्ष्णेय, दुर्ग छत्तीसगढ़ से सुन्दरकांड को चौबीस पंक्तियों में लिखी हूं…
मैं नेहा वार्ष्णेय, दुर्ग छत्तीसगढ़ से सुन्दरकांड को चौबीस पंक्तियों में लिखी हूं… 1.जामवंत…
जरूर समझना क्यों कहते है मुझे “मुकेश कविवर केशव सुरेश रूनवाल
*जरूर समझना क्यों कहते है मुझे “मुकेश कविवर केशव सुरेश रूनवाल”* म – ममता की…
विनम्रता से शब्दों के अर्थ बदलते हैं
आजकल की व्यस्तता भरी दुनिया में हम सभी बहुत बिजी हैं, और होना भी चाहिए, क्यूंकि…