माँ स्कंदमाता की स्तुति

काव्य: “माँ स्कंदमाता की स्तुति”   पंचमी का पावन प्रभात, ज्योति अलौकिक छाई, माँ स्कंदमाता आईं,…

काव्य: माँ कुष्मांडा की महिमा 

काव्य: माँ कुष्मांडा की महिमा चतुर्थ दिवस का शुभ प्रभात, जग में ज्योति छाई, माँ कुष्मांडा…

शब्दों का उत्सव – विश्व कविता दिवस

काव्य: “शब्दों का उत्सव – विश्व कविता दिवस”   आज शब्दों ने दीप जलाए, भावों ने…

माँ चंद्रघंटा का दिव्य स्वरूप

काव्य: “माँ चंद्रघंटा का दिव्य स्वरूप” नवरात्रि का तृतीय प्रभात है आया, माँ चंद्रघंटा ने जग…

गौरैया की पुकार”

कविता: “गौरैया की पुकार” छोटी सी चिड़िया, प्यारी सी गौरैया, आँगन में गूंजे उसकी मधुर मुरैया।…

गणगौर का अनोखा रंग

काव्य: “गणगौर का अनोखा रंग” फागुन की बयार में महकी सी बहार आई, गणगौर की छटा…

काव्य: माँ ब्रह्मचारिणी (द्वितीय दिवस)

काव्य: माँ ब्रह्मचारिणी (द्वितीय दिवस) नव प्रभात की पहली किरण में, तेरा ही उजियारा है, मां…

प्रथम दिवस – माँ शैलपुत्री

काव्य : “प्रथम दिवस – माँ शैलपुत्री”   चैत्र की नव अरुणिमा में, भोर नई मुस्काई…

गर्मी के दिन – राजलक्ष्मी श्रीवास्तव 

गर्मी के दिन तपते सूरज ने आग उगाई, धरती जैसे तवा बन जाए। हवा भी जैसे…

गाय का उपकार – राजलक्ष्मी श्रीवास्तव 

शीर्षक: “गाय का उपकार” गाँव के किनारे एक बूढ़ी गाय रहती थी। उसका नाम गौरी था।…