सरयू की लहरों पर निहारा रामनगरी का वैभव
महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। पावन नगरी अयोध्या में जल पुलिस ने सेवा और सुरक्षा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हुए एक गरिमामयी पहल की। जल पुलिस की टीम ने हरियाणा के राज्यपाल महामहिम असीम कुमार घोष को सरयू नदी में बोट के माध्यम से सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित भ्रमण कराया। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच अनुशासन और पेशेवर दक्षता का संगम देखने को मिला। कुशल नेतृत्व और उच्च स्तरीय सुरक्षा इस विशेष वीआईपी भ्रमण का नेतृत्व जल पुलिस प्रभारी रूबे प्रताप मौर्य ने किया। उनके कुशल निर्देशन में पूरी टीम ने गजब के समन्वय और सतर्कता का परिचय दिया, जिससे पूरा कार्यक्रम निर्विघ्न और गरिमामयी ढंग से संपन्न हुआ। उप निरीक्षक (SI) नर्वदेश्वर मिश्रा ने भी सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने में अपनी प्रभावी भूमिका निभाई। धार्मिक और भौगोलिक महत्व से हुए रूबरू भ्रमण के दौरान कांस्टेबल नित्यानंद यादव ने एक कुशल गाइड की भूमिका निभाते हुए राज्यपाल महोदय को अयोध्या के गौरवशाली इतिहास से परिचित कराया। उन्होंने राम की पैड़ी और लक्ष्मण घाट सहित प्रमुख घाटों के सांस्कृतिक महत्व को विस्तार से समझाया। सरयू का भूगोल राज्यपाल को बताया गया कि सरयू नदी हिमालय के कुमाऊं क्षेत्र से निकलती है और घाघरा के रूप में प्रवाहित होते हुए अंततः गंगा में समाहित होती है।
लक्ष्मण घाट की महिमा: कांस्टेबल यादव ने लक्ष्मण जी की जल समाधि से जुड़ी मान्यताओं और इस घाट की आध्यात्मिक ऊर्जा के बारे में जानकारी दी। टीम वर्क की राज्यपाल ने की सराहना भ्रमण की सफलता में कांस्टेबल मनोज पाल, अखिलेश यादव, हेड कांस्टेबल बृजेश साहनी सहित एसडीआरएफ के इंस्पेक्टर सुनील कुमार, उप निरीक्षक जावेद अहमद, बजरंग बहादुर सिंह, आकाश शंकर मिश्रा और अन्य पुलिसकर्मियों (अक्षय प्रताप, मधुरेश, पुष्पेंद्र, राजकुमार, अभिषेक व लालमणि) का विशेष योगदान रहा। स्थानीय नाविक ओम माँझी ने भी अपनी सेवाएं दीं।
“जल पुलिस की कार्यप्रणाली, तत्परता और सुरक्षा के प्रति उनका समर्पण वास्तव में प्रेरणादायक है। असीम कुमार घोष, राज्यपाल, हरियाणा अयोध्या जल पुलिस का यह अभियान न केवल सुरक्षा की दृष्टि से सफल रहा, बल्कि इसने जनसेवा और अतिथि सत्कार की एक नई मिसाल पेश की है। पुलिस की इस सक्रियता और विनम्र व्यवहार की अब हर ओर प्रशंसा हो रही है।