बच्चों को हिंदी भाषा सीखनी चाहिए

शुभांगी अत्रे को याद आए भाभीजी घर पर हैं में इस्तेमाल होने वाले हिंदी मुहावरे
विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर भाभीजी घर पर हैं की अभिनेत्री शुभांगी अत्रे ने बताया कि उन्हें शो की शूटिंग के दौरान आकर्षक हिंदी मुहावरेे कहने का मौका मिला। साथ ही अभिनेत्री ने कहा कि आज के बच्चों को हिंदी भाषा सीखनी चाहिए और उसका आनंद लेना चाहिए।
शुभांगी ने कहा, शूटिंग के दौरान मुझे कई मशहूर हिंदी मुहावरे सुनने को मिले, जिनका इस्तेमाल हम अक्सर अपनी रोजमर्रा की जिंदगी और शो के सीन के बीच में करते हैं। मुझे प्रसिद्ध हिंदी मुहावरा धोबी का कुत्ता न घर का न घाट का याद है, जिसे मुझे एक दृश्य में विभूति (आसिफ शेख) पर इस्तेमाल करना था।
हिंदी मुहावरों का अर्थ समझाते हुए अभिनेत्री ने कहा, एक अर्थ यह है कि जो व्यक्ति कभी एक जगह नहीं टिकता, वह सफल नहीं होगा। दूसरा यह है कि जो व्यक्ति हमेशा चलता रहता है, जिसकी जड़ें एक जगह नहीं होती, वह जिम्मेदारियों से बचता है।
कस्तूरी फेम अभिनेत्री ने आगे कहा, हम अपने शो में रोजाना ऐसी कई कहावतों का इस्तेमाल करते हैं, जैसे बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद, जिसका मतलब है किसी ऐसे व्यक्ति को उपयोगी या मूल्यवान चीज देकर अपना समय बर्बाद करना है, जो इसकी सराहना या समझ नहीं करता है। सेट पर हम अक्सर ऐसी मजेदार कहावतों और मुहावरों का प्रयोग मजेदार मजाक के रूप में नियमित रूप से करते हैं।
शुभांगी ने हिंदी को वास्तव में सीखने के लिए एक अद्भुत भाषा बताते हुए कहा, आज के बच्चों को इसे सीखना चाहिए और इसका आनंद लेना चाहिए, जैसे उन्हें अंग्रेजी बोलने में आनंद आता है।
वर्कफ्रंट की बात करें तो वह फिलहाल भाभीजी घर पर हैं में अंगूरी भाभी के किरदार में नजर आ रही हैं।
यह शो एंड टीवी पर प्रसारित होता है।

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