“”स्वागत है श्रीराम “”
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शुभ स्वागत है श्रीराम,
अवध की धरती पर ।
बना सुखद प्रासाद,
भाव को सज्जित कर।।
त्रेता से सुंदर उछाह,
मन अजिर हमारे।
जन जन के आराध्य,
राम निज गेह पधारे।।
सरयू तट है बांट जोहता,
पावन जल का कल कल।
दीप जलाए खड़ी अयोध्या,
चहुं दिशि निरखे पल पल।।
दिशि दिशि बन्दनवार,
चांदनी फैली नभ थल।
चहुं दिशि मंगलगान ,
अति हर्षित है भूमंडल।।
जन्मभूमि है धन्य,
आपके घर आने से,
होगी अब सुख शांति,
जीवन हरषाने से।।
विश्व अजिर में हुआ सबेरा,
धरती धन्य हुई।
वसुधा हुई कुटुम्ब,
हर्षित मन पर्जन्य हुई।।
पाप मिटेंगे जीवन के,
सुखकर दर्शन से।
धर्म सनातन की जय होगी,
अभिनव परिवर्तन से।।
शदियों से मुकुलित,
आशाओं का कमल खिला।
जन जन है हर्षायमान,
अनुपमेय आनन्द मिला।।
गोपाल त्रिपाठी
शांतिपुरम
प्रयागराज
9889609950