
अनुराग लक्ष्य, 15 जनवरी,
सलीम बस्तवी अज़ीज़ी,
मुम्बई संवाददाता ।
मैं सलीम बस्तवी अज़ीज़ी, इस मुल्क का अदना सा शायर और गीतकार, आज इस समाचार को लिखते वक्त मेरे दिल में यह खयाल आया कि इस समाचार को लिखते वक्त अपने इस चार मिसरे को भी पाठकों तक ज़रूर पहुंचाऊं, तभी शायद इस समाचार के साथ न्याय कर सकूंगा ।
,,,अदब की महफिलों में जब यह उर्दू मुस्कुराती है
हर इक दिल में वफ़ा और प्यार की शम्मा जलती है
यह उर्दू ज़िंदगी की भीड़ में राहत का सामां है
वफ़ा की चांदनी बनकर हमें अक्सर लुभाती है,,,
मौका था, बांद्रा में चले रहे नव दिवससीय उर्दू मेले का, इस मेले का आयोजन कौमी काउंसिल उर्दू दिल्ली और अंजुमन इस्लाम मुंबई के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित किया गया। जिसमें उर्दू भाषा प्रेमी और उर्दू को चाहने वालों का एक हुजूम दिखाई दिया। इस मेले के आयोजन का मकसद उर्दू भाषा को घर घर तक पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया था ।
इस अवसर पर एक्स्पर्ट क्लासेज के संस्थापक और प्रबंधक मुहम्मद अहमद सर को उर्दू भाषा के छेत्र में उनके अविसमर्डीय योगदान के लिए शाल , परशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। साथ उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
इस अवसर पर श्री मुहम्मद अहमद सर ने कहा कि आज यह जो मुझे सम्मानित किया गया है। यह उन सभी का सम्मान है जो उर्दू भाषा को अपने दिल की धड़कनों के साथ जीते हैं, और उर्दू के विकास और तरक्की में अपना योगदान दे रहे हैं।
मैं ह्रदय की गहराइयों से AIITA एसोसिशन के तमाम सम्मनित पदाधिकारियों का आभार परकट करता हूं।