लखनऊ, । उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों के लिए न्यूनतम मजदूरी दरों में संशोधन करते हुए नई दरें लागू कर दी हैं। यह संशोधन 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी माना जाएगा। निगम ने यह निर्णय श्रम विभाग, उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशों के अनुपालन में लिया है, जिससे प्रदेश के श्रमिकों को बढ़ती महंगाई के बीच आर्थिक राहत मिल सके।जारी आदेश के अनुसार, न्यूनतम मजदूरी अधिनियम 1948 के तहत कर्मचारियों को देय मूल मजदूरी में परिवर्तनीय महंगाई भत्ता (वीडीए) जोड़कर नई दरें निर्धारित की गई हैं। यह व्यवस्था प्रदेश के विभिन्न जनपदों को तीन श्रेणियों में विभाजित कर लागू की गई है, ताकि स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप मजदूरी सुनिश्चित की जा सके।गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद जैसे प्रथम श्रेणी के जनपदों में अकुशल श्रमिकों के लिए कुल मासिक मजदूरी 13,690 रुपये निर्धारित की गई है, जिसमें 12,885 रुपये मूल वेतन और 805 रुपये महंगाई भत्ता शामिल है। वहीं कुशल श्रमिकों के लिए यह राशि 16,868 रुपये तय की गई है।नगर निगम वाले जनपदों को द्वितीय श्रेणी में रखते हुए अकुशल श्रमिकों के लिए 13,006 रुपये तथा कुशल श्रमिकों के लिए 16,025 रुपये मासिक मजदूरी निर्धारित की गई है। इसी प्रकार अन्य जनपदों को तृतीय श्रेणी में रखते हुए अकुशल श्रमिकों के लिए 12,356 रुपये और कुशल श्रमिकों के लिए 15,224 रुपये की दर तय की गई है।निगम ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि संशोधित मजदूरी दरों को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कर्मचारियों को निर्धारित वेतन का लाभ समय पर प्राप्त हो। साथ ही पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इन दरों को संबंधित पोर्टल पर अपलोड करने के भी निर्देश दिए गए हैं।यूपीपीसीएल का यह निर्णय प्रदेश में कार्यरत श्रमिकों के आर्थिक हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इससे न केवल श्रमिकों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि उन्हें महंगाई के प्रभाव से कुछ हद तक राहत भी मिलेगी।