प्रीपेड स्मार्ट मीटर अब पोस्टपेड की तरह करेंगे काम, उपभोक्ताओं को बड़ी राहत


लखनऊ  योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब राज्य में लगाए गए प्रीपेड स्मार्ट मीटर पहले की तरह पोस्टपेड स्मार्ट मीटर के रूप में कार्य करेंगे, जिससे उपभोक्ताओं को बिलिंग और भुगतान में बड़ी सुविधा मिलेगी।यह जानकारी ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत मंत्री ए.के. शर्मा ने दी। इस दौरान अपर मुख्य सचिव ऊर्जा एवं उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल भी मौजूद रहे।निर्णय के तहत अब उपभोक्ताओं को पहले की तरह मासिक बिलिंग साइकिल के आधार पर बिल मिलेगा और बिल जमा करने की अंतिम तिथि भी स्पष्ट रूप से अंकित रहेगी। बिजली खपत का बिल हर महीने के अंत तक एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से भेजा जाएगा। जिन उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर बदल गए हैं, उन्हें अपना नंबर अपडेट कराने की सलाह दी गई है।सभी स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को हर माह की 10 तारीख तक बिल उपलब्ध करा दिया जाएगा और बिल मिलने के बाद भुगतान के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा। यदि किसी उपभोक्ता को समय पर बिल प्राप्त नहीं होता है तो वह संबंधित वितरण निगमों के व्हाट्सएप चैटबॉट या 1912 पोर्टल के माध्यम से अपना बिल प्राप्त कर सकता है।
सरकार ने उपभोक्ताओं को अतिरिक्त राहत देते हुए यह भी निर्णय लिया है कि 30 अप्रैल तक के बकाया बिल को 10 किश्तों में जमा किया जा सकेगा। इसके साथ ही मई और जून माह में खंड एवं उपखंड स्तर पर विशेष कैंप लगाकर स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों का निस्तारण किया जाएगा।जिन उपभोक्ताओं के यहां प्रीपेड मीटर लगाए जाने के दौरान सिक्योरिटी वापस की गई थी, उनसे अब पोस्टपेड व्यवस्था लागू होने पर यह राशि चार किश्तों में ली जाएगी, जिससे उपभोक्ताओं पर एकमुश्त बोझ न पड़े।ऊर्जा मंत्री ने विद्युत व्यवस्था की समीक्षा करते हुए सभी वितरण निगमों को निर्देश दिए कि बिजली आपूर्ति सुचारु और निर्धारित शेड्यूल के अनुसार बनी रहे। उन्होंने ट्रांसफार्मरों के समय पर रखरखाव और खराब होने की स्थिति में त्वरित बदलाव सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।शक्ति भवन में आयोजित बैठक में विभिन्न वितरण निगमों के प्रबंध निदेशक सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।