महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। कारगिल के वीर शहीदों की स्मृति और देशभक्ति का जज्बा लेकर निकले युवा साइक्लिस्ट शिवम पटेल अपनी 3000 किलोमीटर की ऐतिहासिक साइकिल यात्रा के दौरान रामनगरी अयोध्या पहुंचे। यहाँ उन्होंने प्रभु श्रीराम के चरणों में शीश नवाकर अपनी यात्रा की सफलता और राष्ट्र कल्याण के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया। यात्रा का उद्देश्य राष्ट्र सेवा और पर्यावरण संरक्षण अयोध्या पहुँचने पर शिवम ने भावुक होते हुए कहा कि यह यात्रा उनके लिए महज एक सफर नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा का संकल्प है। उन्होंने बताया कि इस साहसिक अभियान के तीन मुख्य स्तंभ हैं। कारगिल के शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि। पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता।
युवाओं में देशभक्ति की भावना का संचार। भगवान श्रीराम की प्रेरणा से ही यह दुर्गम यात्रा सफल होगी। मेरा लक्ष्य इस सफर के माध्यम से एक नया विश्व कीर्तिमान स्थापित करना है। शिवम पटेल उपलब्धियों से भरा है शिवम का सफर
महज 20 वर्ष की आयु में बी.कॉम फाइनल ईयर के छात्र शिवम पटेल माउंटेन साइक्लिंग (MTB) की दुनिया में एक जाना-माना नाम बन चुके हैं। उनकी अब तक की प्रमुख उपलब्धियां इस प्रकार हैं:
स्वर्ण पदक: वर्ष 2016, 2018 और 2019 में लगातार तीन बार गोल्ड मेडल विजेता।
अखिल भारतीय यात्रा: 1 नवंबर 2022 से 2023 तक 28,000 किमी की यात्रा कर इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज।
पर्वतारोहण: साइकिल से माउंट एवरेस्ट बेस कैंप और काला पत्थर (एवरेस्ट क्षेत्र) पहुँचने का इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड।
यात्रा का रूट और पड़ाव
यह यात्रा शिवम के पैतृक गांव करौता (महाराजगंज) से शुरू हुई है और इसका समापन कारगिल में होगा। 3000 किलोमीटर के इस चुनौतीपूर्ण सफर में वे मिगला और जिंगला मोटरेबल पास जैसे कठिन रास्तों को भी पार करेंगे।
जियो स्पार डेवलपर ने बढ़ाया उत्साह अयोध्या पहुँचने पर जियो स्पार डेवलपर की ओर से शिवम का भव्य स्वागत और सहयोग किया गया। कंपनी के प्रबंध निदेशक तुषार गोयल ने शिवम के साहस की सराहना करते हुए कहा, “आज का युवा ही देश की असली शक्ति है। शिवम जैसे युवा समाज को नई दिशा और प्रेरणा देते हैं।”
इस स्वागत समारोह के दौरान प्रबंध निदेशक तुषार गोयल, निदेशक दिव्या गोयल, योगेश जांगिड़, आशीष सैनी, शरद श्रीवास्तव और संतोष यादव समेत टीम के कई सदस्य उपस्थित रहे। शिवम की यह यात्रा अब अयोध्या से आगे अपने अगले पड़ाव की ओर बढ़ चली है।