नाटक के जरिए बच्चों को सिखाया हौसला और संघर्ष का पाठ

नाटक के जरिए बच्चों को सिखाया हौसला और संघर्ष का पाठ

 

सूर्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शिक्षिकाओं की अनोखी पहल, नौनिहालों ने लिया सीख का आनंद

 

खेल-खेल में जीवन कौशल सिखाने पर जोर, निदेशिका ने की सराहना

 

जितेन्द्र पाठक

 

संतकबीरनगर। जिले के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान सूर्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल में नन्हे-मुन्ने बच्चों के लिए एक विशेष गतिविधि सत्र का आयोजन किया गया, जिसने शिक्षा के साथ-साथ जीवन मूल्यों का भी सुंदर संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की शिक्षिकाओं ने एक प्रेरणादायक नाटक प्रस्तुत किया, जिसने बच्चों का भरपूर मनोरंजन करने के साथ उन्हें कठिन परिस्थितियों से जूझने की सीख भी दी।

 

नाटक के माध्यम से यह दर्शाया गया कि जीवन में आने वाली विषम परिस्थितियों का सामना धैर्य, साहस और सूझबूझ से किया जाए तो हर मुश्किल का समाधान संभव है। शिक्षिकाओं की प्रभावशाली प्रस्तुति ने बच्चों को भावनात्मक रूप से जोड़ा और उन्हें सकारात्मक सोच अपनाने के लिए प्रेरित किया। नौनिहालों ने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम का आनंद लिया और संदेश को समझने की कोशिश की।

इस अवसर पर विद्यालय की निदेशिका सविता चतुर्वेदी ने शिक्षिकाओं के इस अभिनव प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि विद्यालय में शिक्षा के साथ-साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ बच्चों के मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

उन्होंने आगे बताया कि विद्यालय समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता रहता है, ताकि छात्र-छात्राएं खेल-खेल में जीवन की चुनौतियों से निपटना सीखें और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें। कार्यक्रम के अंत में सभी शिक्षिकाओं को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए बधाई दी गई और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।