लखनऊ। उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत पारंपरिक कारीगरों के सशक्तिकरण के उद्देश्य से टूल किट वितरण योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत प्रदेश के 46 पात्र माटीकला कारीगरों को निःशुल्क विद्युत चालित चाक उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उनके रोजगार को गति मिलेगी और उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित हो सकेगी।योजना के अंतर्गत 18 से 55 वर्ष आयु वर्ग के कुम्हार समुदाय के ऐसे पारंपरिक कारीगर आवेदन करने के पात्र होंगे, जो उत्तर प्रदेश के मूल निवासी हों। चयन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए शासन स्तर पर गठित समिति द्वारा लाभार्थियों का चयन किया जाएगा। विशेष रूप से उन अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिन्हें तहसील स्तर से मिट्टी निकालने के लिए पट्टा आवंटित किया गया है।इच्छुक अभ्यर्थी 15 मई 2026 तक निर्धारित पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इसके साथ ही आवेदन पत्र जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, 8 कैंट रोड, कैसरबाग, लखनऊ में जमा करना अनिवार्य होगा। आवेदन के साथ आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, पासपोर्ट आकार का फोटो, शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र, ग्राम प्रधान द्वारा जारी निवास प्रमाण पत्र तथा राशन कार्ड जैसे आवश्यक अभिलेख संलग्न करना अनिवार्य होगा।आवेदन प्रक्रिया अथवा अन्य किसी प्रकार की जानकारी प्राप्त करने के लिए इच्छुक अभ्यर्थी कार्य दिवसों में जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, 8 कैंट रोड, कैसरबाग, लखनऊ से संपर्क कर सकते हैं। योजना के माध्यम से पारंपरिक माटीकला कारीगरों को आधुनिक साधनों से जोड़ते हुए उनके रोजगार को सुदृढ़ करने और आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।