लखनऊ। प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित पूर्व मध्यमा द्वितीय, उत्तर मध्यमा प्रथम तथा उत्तर मध्यमा द्वितीय की परीक्षाओं में उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों एवं सभी सफल छात्र-छात्राओं को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और सरकार की पारदर्शी तथा नकलविहीन परीक्षा व्यवस्था का परिणाम है। सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता, तकनीकी सुदृढ़ीकरण और जवाबदेही पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिससे संस्कृत शिक्षा को नई पहचान मिल रही है और विद्यार्थियों के लिए नए अवसर सृजित हो रहे हैं।वर्ष 2026 की पूर्व मध्यमा द्वितीय से उत्तर मध्यमा द्वितीय तक की परीक्षाएं 19 फरवरी से 28 फरवरी 2026 के मध्य सम्पन्न हुईं। इस वर्ष कुल 241 परीक्षा केन्द्रों पर 9 कार्य दिवसों में परीक्षाएं सफलतापूर्वक कराई गईं। उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 7 मार्च से 20 मार्च 2026 के मध्य निर्धारित 13 मूल्यांकन केन्द्रों पर सम्पन्न हुआ।माध्यमिक शिक्षा निदेशक एवं सभापति डॉ. महेन्द्र देव तथा सचिव शिव लाल ने परीक्षाफल की जानकारी देते हुए बताया कि पूर्व मध्यमा द्वितीय परीक्षा में कुल 21,915 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए, जिनमें 21,107 संस्थागत और 808 व्यक्तिगत परीक्षार्थी शामिल थे। परीक्षा में 16,615 परीक्षार्थी सम्मिलित हुए, जिनमें 15,941 संस्थागत और 674 व्यक्तिगत थे। इनमें से कुल 15,029 परीक्षार्थी उत्तीर्ण घोषित किए गए। संस्थागत परीक्षार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 95.96 तथा व्यक्तिगत परीक्षार्थियों का 94.78 रहा। पूर्व मध्यमा द्वितीय का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 95.91 रहा। इस परीक्षा में 11,340 बालक और 3,689 बालिकाएं उत्तीर्ण हुईं, जिसमें बालकों का उत्तीर्ण प्रतिशत 95.68 तथा बालिकाओं का 96.64 रहा। परीक्षा में अनुपस्थित रहने वाले परीक्षार्थियों की संख्या 946 रही।उत्तर मध्यमा प्रथम परीक्षा में कुल 19,745 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए, जिनमें 19,116 संस्थागत और 629 व्यक्तिगत परीक्षार्थी थे। परीक्षा में 15,746 परीक्षार्थी सम्मिलित हुए, जिनमें 15,240 संस्थागत और 506 व्यक्तिगत थे। इनमें से 14,028 परीक्षार्थी उत्तीर्ण घोषित किए गए। संस्थागत परीक्षार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 94.45 तथा व्यक्तिगत परीक्षार्थियों का 93.00 रहा। उत्तर मध्यमा प्रथम का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 94.40 रहा। इस परीक्षा में 10,420 बालक और 3,608 बालिकाएं उत्तीर्ण हुईं, जिसमें बालकों का उत्तीर्ण प्रतिशत 94.33 तथा बालिकाओं का 94.62 रहा। अनुपस्थित परीक्षार्थियों की संख्या 887 रही।उत्तर मध्यमा द्वितीय परीक्षा में कुल 14,162 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए, जिनमें 13,694 संस्थागत और 468 व्यक्तिगत परीक्षार्थी शामिल थे। परीक्षा में 13,302 परीक्षार्थी सम्मिलित हुए, जिनमें 12,854 संस्थागत और 448 व्यक्तिगत थे। इनमें से कुल 12,306 परीक्षार्थी उत्तीर्ण घोषित किए गए। संस्थागत परीक्षार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 94.88 तथा व्यक्तिगत परीक्षार्थियों का 94.40 रहा। उत्तर मध्यमा द्वितीय का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 94.86 रहा। इस परीक्षा में 9,053 बालक और 3,253 बालिकाएं उत्तीर्ण हुईं, जिसमें बालकों का उत्तीर्ण प्रतिशत 94.47 तथा बालिकाओं का 95.95 रहा। अनुपस्थित परीक्षार्थियों की संख्या 330 रही।पूर्व मध्यमा द्वितीय (कक्षा-10) के परीक्षाफल में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में कन्नौज की सृष्टि ने 700 में से 661 अंक (94.43 प्रतिशत) प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। प्रतापगढ़ की खुशबू सरोज ने 660 अंक (94.29 प्रतिशत) प्राप्त कर द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि प्रतापगढ़ के मुलायम सिंह यादव और प्रियंका सरोज ने संयुक्त रूप से 653 अंक (93.29 प्रतिशत) प्राप्त कर तृतीय स्थान प्राप्त किया।उत्तर मध्यमा द्वितीय (कक्षा-12) की श्रेष्ठता सूची में प्रतापगढ़ के रजनीश यादव ने 1400 में से 1251 अंक (89.36 प्रतिशत) प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रतापगढ़ की वंशिका श्रीवास्तव ने 1199 अंक (85.64 प्रतिशत) प्राप्त कर द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि प्रतापगढ़ की काजल और अमरोहा की संस्कृति ने संयुक्त रूप से 1196 अंक (85.43 प्रतिशत) प्राप्त कर तृतीय स्थान प्राप्त किया।इन परीक्षाओं में प्रदेश के 1091 संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों के हजारों छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। परीक्षा के दौरान प्रत्येक दिन की उपस्थिति का विवरण नियमित रूप से अपलोड कराया गया, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हुई। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सभी केन्द्रों पर निगरानी की विशेष व्यवस्था की गई तथा राज्य, मंडल और जनपद स्तर पर सतत नियंत्रण व्यवस्था लागू रही।परिषद के अनुसार इस वर्ष का परीक्षा परिणाम गत वर्ष की तुलना में अधिक बेहतर रहा है। पूर्व मध्यमा द्वितीय (कक्षा-10) के कुल उत्तीर्ण प्रतिशत में गत वर्ष की तुलना में 2.79 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि उत्तर मध्यमा द्वितीय (कक्षा-12) के कुल उत्तीर्ण प्रतिशत में 6.82 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।इस अवसर पर अध्यक्ष संस्कृत न्यास परिषद जितेन्द्र प्रताप सिंह, अपर निदेशक व्यावसायिक शिक्षा मनोज द्विवेदी, अपर परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा विष्णुकांत पाण्डेय, संयुक्त निदेशक कैम्प आर.पी. शर्मा, संयुक्त निदेशक समग्र शिक्षा विवेक नौटियाल, उपनिदेशक कैम्प राजेश आर्या तथा निरीक्षक संस्कृत शिक्षा पाठशाला पवन श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।