महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। धर्म नगरी अयोध्या के जानकी घाट स्थित रामाज्ञा आश्रम में पूज्य माता श्री महंत सरस्वती दासी वैष्णवी जी की आठवीं पुण्यतिथि अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आश्रम के महंत रामबहादुर दास के सानिध्य में एक भव्य भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें अयोध्या के प्रतिष्ठित साधु-संतों और गृहस्थों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
संत-महंतों ने दी भावांजलि
कार्यक्रम की शुरुआत माता जी के चित्र पर पुष्पांजलि और पूजन से हुई। इस पावन अवसर पर अयोध्या के विभिन्न अखाड़ों, मठों और आश्रमों से पधारे विशिष्ट साधु-संतों ने माता जी के भक्तिमय जीवन और उनके द्वारा समाज के लिए किए गए सेवा कार्यों को याद किया। संतों ने कहा कि माता जी का जीवन त्याग और समर्पण की प्रतिमूर्ति था। परंपरागत भंडारा भोजन और दक्षिणा पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में आयोजित विशाल भंडारे में मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम की पावन परंपरा का दर्शन हुआ। आश्रम में आए हुए सभी संतों और गृहस्थों को बड़े ही आदर भाव के साथ स्वरुचि भोज कराया गया। भोजन के उपरांत सभी आगंतुकों को यथाशक्ति दक्षिणा और प्रसाद स्वरूप सामग्री भेंट कर विदा किया गया। भजन-कीर्तन से गुंजायमान रहा आश्रम महंत रामबहादुर दास ने संबोधन में कहा कि माता जी की स्मृति में आयोजित यह वार्षिक भंडारा उनके द्वारा दिखाए गए सेवा और भक्ति के मार्ग को आगे बढ़ाने का एक संकल्प है। पूरे दिन आश्रम परिसर भजन-कीर्तन से गुंजायमान रहा और फूलों की सजावट ने माहौल को और भी दिव्य बना दिया। भक्तगणों का रहा विशेष सहयोग कार्यक्रम को सफल बनाने में रामाज्ञा आश्रम के संतों, स्वयंसेवकों और समस्त भक्तगणों का विशेष योगदान रहा। कारसेवक पुरम के सामने स्थित इस आश्रम में देर शाम तक भक्तों के आने और प्रसाद ग्रहण करने का सिलसिला जारी रहा।