16 अप्रैल ‘मोहनजी डे’ घोषित: ब्रह्मर्षि डॉ. मोहनजी को टेक्सास में मिला विशेष सम्मान

 

सेवा, आध्यात्म और वैश्विक मानवता के उत्थान में योगदान के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान
खबर:
ब्रह्मर्षि डॉ. मोहनजी के नाम पर 16 अप्रैल को अमेरिका के टेक्सास राज्य द्वारा “मोहनजी डे”व मोहनजी फाउंडेशन डे दोनों संयुक्त रूप से घोषित किया जाना भारत के लिए गौरव का विषय बन गया है। यह सम्मान उन्हें 2022 मै समाजसेवा, आध्यात्मिक जागरूकता और मानवता के उत्थान में उनके निरंतर योगदान के लिए प्रदान किया गया है। मोहनजी उन विरले भारतीय संतों में शामिल हो गए हैं, जिनके नाम पर विदेश में कोई विशेष दिन घोषित किया गया है। वे लंबे समय से गरीबों की सेवा, भक्तों के मार्गदर्शन और समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनकी सेवाओं का प्रभाव वैश्विक स्तर पर देखने को मिला है। विशेष रूप से दक्षिण अफ्रीका के एक प्रांत में निरंतर भोजन सेवा के माध्यम से वहां अपराध दर में लगभग 80% तक कमी हुई जिसकी पुस्टि वहाँ की लोकल पुलिस ने स्वतः किया l जो उनकी कार्यशैली की प्रभावशीलता को दर्शाता है। मोहनजी का मानना है कि “प्रचार से ज्यादा काम पर ध्यान देना चाहिए।”
ब्रह्मर्षि डॉ. मोहनजी एक वैश्विक आध्यात्मिक व्यक्तित्व हैं, जिन्होंने भारत की संस्कृति और सनातन परंपराओं को विश्वभर में स्थापित करने का कार्य किया है। उन्होंने लाखों युवाओं को नशा और अपराध से दूर कर आध्यात्मिक मार्ग पर प्रेरित किया है, जिससे वे युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गए हैं।
संस्थागत स्तर पर भी उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने वर्ष 2003 में ACT Foundation (लंदन) और Ammucare Charitable Trust (भारत) की स्थापना की, जबकि Mohanji Foundation का विस्तार आज विश्व के अनेक देशों में हो चुका है। उनकी चैरिटी गतिविधियाँ 31 देशों में सक्रिय हैं और उनकी उपस्थिति 90 देशों तक फैली हुई है।
वर्तमान में मोहनजी भारत भ्रमण पर हैं और विभिन्न तीर्थ स्थलों का दौरा कर रहे हैं। अयोध्या पहुंचकर उन्होंने कहा कि “भारत की आत्मा राम में बसती है और अयोध्या तेजी से सांस्कृतिक एवं धार्मिक राजधानी के रूप में उभर रही है।”
आश्रम निर्माण के क्षेत्र में भी उनका कार्य जारी है। गणेशपुरी (तानसा नदी के किनारे) में नया आश्रम विकसित किया जा रहा है, जबकि उनके आश्रम स्कॉटलैंड, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, स्लोवेनिया, सर्बिया, क्रोएशिया और दक्षिण अफ्रीका सहित 14 से अधिक देशों में स्थापित हैं।
उपलब्धियों का विस्तार:
वर्ष 2025 मोहनजी के लिए वैश्विक विस्तार और गहन प्रभाव का वर्ष रहा। उनकी गतिविधियाँ तीन प्रमुख स्तंभों—अंतरधार्मिक एकता, संस्कृति एवं प्रकृति संरक्षण और व्यावहारिक आध्यात्म—पर आधारित रहीं।
मोहनजी प्लेटफॉर्म्स ग्लोबल इम्पैक्ट रिपोर्ट 2025–26 के अनुसार:
43 देशों में लगभग 8,62,000 वीगन भोजन परोसे गए
विश्वभर में 20 सक्रिय केंद्र संचालित हुए
करीब 35,000 कार्यक्रम आयोजित किए गए
विशेष रूप से महाकुंभ मेला में सक्रिय भागीदारी, वृंदावन में गुरुवायुरप्पन मंदिर की स्थापना और वर्ल्ड ट्राइबल एलायंस के माध्यम से आदिवासी संस्कृतियों को एक मंच पर लाना उनकी प्रमुख उपलब्धियों में शामिल रहा।
यह सम्मान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि उस विचारधारा का है जो “Humankind to Kind Humans” की दिशा में कार्य कर रही है। 16 अप्रैल को “मोहनजी डे” के रूप में मनाया जाना उनके वैश्विक प्रभाव, सेवा और आध्यात्मिक नेतृत्व की एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मान्यता है।