महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। धर्मनगरी अयोध्या के प्रहलाद घाट-परिक्रमा मार्ग स्थित ‘पंचवटी श्री हनुमत ध्यान भवन’ में गरिमामय आध्यात्मिक आयोजन संपन्न हुआ। अवसर था ब्रह्मलीन संत की 33वीं पुण्यतिथि का, जिसमें अयोध्या के प्रतिष्ठित साधु-संतों और महंतों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस दौरान विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और संतों ने प्रसाद ग्रहण किया। प्रमुख संतों की गरिमामय उपस्थिति कार्यक्रम में मुख्य रूप से संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं हनुमानगढ़ी के महंत संजय दास महाराज शामिल हुए। उनके साथ ही महंत मुरली दास, कल्लू दास, मनीराम दास और शिवम श्रीवास्तव सहित कई प्रमुख हस्तियों ने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम को सराबोर किया। संतों ने ब्रह्मलीन आत्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके द्वारा दिखाए गए भक्ति के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। भजन-कीर्तन के साथ हुआ भंडारा पुण्यतिथि के अवसर पर सुबह से ही परिसर में विशेष पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा। इसके उपरांत आयोजित भंडारे में संतों ने एक साथ बैठकर भोजन प्रसाद पाया। ‘पंचवटी श्री हनुमत ध्यान भवन’ के वर्तमान महंत पवन कुमार दास (फलाहारी राजयोगी) ने आए हुए सभी अतिथियों और संतों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर महंत संजय दास ने कहा कि अयोध्या की संत परंपरा सेवा और समर्पण का प्रतीक है। ऐसे आयोजन न केवल हमारी गुरु-शिष्य परंपरा को जीवंत रखते हैं, बल्कि समाज में समरसता और भक्ति का संदेश भी फैलाते हैं।