लोक कलाओं के संरक्षण के लिए आगे आएं संस्थाएं – आलोक रंजन वर्मा

लोक कलाओं के संरक्षण के लिए आगे आएं संस्थाएं – आलोक रंजन वर्मा

गोरखपुर: संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से हेल्पलेस होप सोसायटी, गोरखपुर द्वारा इंदरपुर में उत्तर प्रदेश के लोकगीतों पर आधारित कार्यशाला एवं मंचीय प्रस्तुति कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में लोकगायन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया।
इस कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ गणेश वन्दना के साथ शुरू हुआ। जिसमें प्रकृति यादव नें अपने टीम के साथ नृत्य किया। कलाकारों नें उत्कृष्ट नृत्य प्रस्तुत कर लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इस मौके पर सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह और पुष्प गुच्छ भेंट किए गए और को सम्मानित किया गया।
मुख्य आलोक रंजना वर्मा ने कहा कि हमारा देश लोक कला और संस्कृति के मामले में बहुत ही समृद्ध रहा है। हमारे लोक संगीत और नृत्य हमारी समृद्द सांस्कृतिक परम्परा के घोतक हैं। इस लिए इसके संरक्षण के लिए सभी को आगे आने की जरुरत है। उन्होंने कहा की हमारी कई लोक कलाएं विलुप्त होनें की स्थिति में पहुँच चुकी हैं ऐसे में इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन कर उनका संरक्षण किया जा सकता है।

विशिष्ठ अतिथि गन्ना समिति मुन्डेरवा के चेयरमैन सुरेन्द्र पाठक नें कहा की गीत संगीत स्वस्थ्य जीवन का हिस्सा है। इस लिए इस तरह के आयोजन होते रहना चाहिए। बृहस्पति कुमार पांडरी नें कहा की लोककलाओं को स्कूलों में छात्र-छात्राओं के पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाना चाहिए।
विशिष्ट अतिथि अनुराग कुमार श्रीवास्तव नें कहा की शास्त्रीय नृत्य शैलियाँ भी पूर्वी उत्तर प्रदेश की संस्कृति में प्रमुख हैं। कथक, भारत का शास्त्रीय नृत्य, इस क्षेत्र से आया। भक्ति नृत्य रूप कर्म उत्तर प्रदेश की जनजातियों में प्रचलित है। दादरा की उत्तम नृत्य शैली से लोग भी मंत्रमुग्ध हो गए। यह एक पारंपरिक नृत्य है, जिसमें वैवाहिक प्रेम, अंतरंग आनंद जैसे अमर प्रसंग हैं। इस नृत्य में एक अनूठी शैली है जहां मंच पर प्रदर्शन करने वाले कलाकारों के लिए गायक पार्श्वगायन करते हैं।
अध्यक्ष स्कन्द कुमार चौरसिया नें कहा कि संस्था द्वारा कल्चर फंक्सन प्रोडक्शन ग्राण्टस के तहत लोक कलाओं के संरक्षण एवं सर्वधन हेतु कार्यशाला व मंचीय प्रस्तुतीकरण किया जा रहा है।
कार्यक्रम में फरुआही, अहिरवा, चैता और फाग जैसी पारंपरिक लोक विधाओं पर आधारित नृत्य और संगीत प्रस्तुत किए गए। इन प्रस्तुतियों ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया और पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया।
इस कार्यकम में प्रकृति यादव, विवेक पाण्डेय, दिव्या मौर्या, सुजीत कुमार, अमन, आकाश, आदर्श, अविका, अंशु, अमीश कुमार, लक्ष्मी, संदीप कुमार एवं अश्वनी भारती सहित अन्य कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से सभी का दिल जीत लिया।