टेट के सवाल को लेकर शिक्षक भेज रहे हैं पातीः निर्णायक आन्दोलन की तैयारी
संघर्ष और एकजुटता से होगा टेट समस्या का समाधान – उदयशंकर शुक्ल
बस्ती। टेट की अनिवार्यता समाप्त किये जाने की मांग को लेकर अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक संघ के आवाहन पर शिक्षकों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायाधीश, मुख्यमंत्री (उ.प्र.), नेता प्रतिपक्ष भारत और यूपी को शिक्षकों की पाती भेजेने का सिलसिला सोमवार को भी जारी रहा। शिक्षकों ने पाती भेजकर मांग किया कि टेट की अनिवार्यता को तत्काल प्रभाव से समाप्त कराया जाय।
यह जानकारी देेते हुये उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष एवं अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक संघ के संयोजक उदयशंकर शुक्ल ने बताया कि सोमवार को ब्लॉक संसाधन केन्द्र परशुरामपुर में एसएमसी की बैठक में उपस्थित शिक्षकों को संगठन के संरक्षक सतीश शंकर शुक्ल, कार्यवाहक अध्यक्ष नरेंद्र कुमार द्विवेदी ने संबोधित करते हुए टेट के सवाल को लेकर आन्दोलन तेज करने और परस्पर जागरूकता और एकजुटता पर जोर दिया। कहा कि चरणबद्ध आन्दोलनों में हिस्सेदारी से निश्चित रूप से सरकार पर दबाव बनेगा और निर्णय वापस होगा।
संघ जिलाध्यक्ष उदयशंकर शुक्ल ने कहा कि पदाधिकारी हस्ताक्षर कराने के साथ ही आगामी 13 अप्रैल को जनपद स्तर पर मशाल जुलूस और 3 मई को लखनऊ मंें आयोजित महारैली में हिस्सा लेेने के लिये प्रेरित कर रहे हैं। शिक्षकों की पाती पर हस्ताक्षर कराकर सम्बंधित को डाक और ई मेल से भेजा जा रहा है। इसके साथ ही जनपद के अनेक अनेक हिस्सों में शिक्षकांे द्वारा पाती भेजी जा रही है। सफलता मिलने तक आन्दोलन जारी रहेगा ।
यह जानकारी देते हुये जिला प्रवक्ता सूर्य प्रकाश शुक्ल ने बताया कि जनपद के सभी विकास खण्डों में शिक्षक पाती भेजने का अभियान जारी रखे हुये हैं। पाती भेजो अभियान में राजीव पाण्डेय, संतोष मणि तिवारी, सुरेन्द्र कुमार तिवारी, बद्री विशाल पाण्डेय, सुनील पाण्डेय, रवीन्द्र नाथ, भगवानदास, पंकज श्रीवास्तव, पवित्री मिश्रा, नीतू पाण्डेय, राम ललित, अरविंद पाण्डेय , श्रीराम यादव, ओम प्रकाश, सुनील श्रीवास्तव, बृजेश कुमार, प्रतिभा निषाद, शिवदीन, अजीत पाण्डेय, अनिल गुप्ता, विनय पाण्डेय, सुनील तिवारी, राजीव पाण्डेय मंत्री, राजकमल मिश्र, राम ललित, सौम्या चक्रवर्ती, अजय पाण्डेय विष्णु कुमार मांझी, पल्लवी, रीमा यादव, विवेक वर्मा, नीरज पाण्डेय, पूजा देवी, महेश यादव के साथ ही अनेक शिक्षकों ने योगदान दिया।