अयोध्या में वायु प्रदूषण की स्थिति व उसका स्वास्थ्य पर होने वाले प्रभाव का होगा वैज्ञानिक अध्ययन : डॉ. विनोद कुमार चौधरी
अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. विनोद कुमार चौधरी को भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर), नई दिल्ली द्वारा एक महत्वपूर्ण शोध परियोजना के लिए प्रोविजनल स्वीकृति प्रदान की गई है।
इस शोध परियोजना के तहत “अयोध्या में परिवेशी वायु गुणवत्ता का समेकित आकलन और स्वास्थ्य जोखिम विश्लेषण” विषय पर आधारित है। आईसीएसएसआर की विशेषज्ञ समिति की अनुशंसा पर इस परियोजना को 24 माह की अवधि के लिए स्वीकृत किया गया है तथा इसके लिए 16 लाख रुपये का अनुदान स्वीकृत किया गया है।
इस शोध का उद्देश्य अयोध्या नगर की वायु गुणवत्ता का वैज्ञानिक विश्लेषण करना और उसके कारण स्थानीय नागरिकों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले संभावित जोखिमों का आंकलन करना है। अध्ययन के माध्यम से यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि वायु प्रदूषण का स्तर किस प्रकार आम जनजीवन और स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है तथा इसके नियंत्रण के लिए क्या प्रभावी उपाय किए जा सकते हैं।
डॉ. विनोद कुमार चौधरी ने बताया कि कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में अयोध्या नगर की वायु गुणवत्ता का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जाएगा। डॉ. चौधरी लंबे समय से पर्यावरण अध्ययन, वायु प्रदूषण, जनस्वास्थ्य और सामाजिक विकास जैसे विषयों पर सक्रिय रूप से शोध कार्य कर रहे हैं। उनके कई शोध लेख राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। उनके द्वारा किए गए अध्ययन पर्यावरणीय समस्याओं के सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी प्रभावों को समझने में महत्वपूर्ण माने जाते हैं। डॉ. विनोद कुमार चौधरी के अनुसार, तेजी से विकसित हो रहे धार्मिक और पर्यटन नगर अयोध्या में वायु प्रदूषण की स्थिति और उसके स्वास्थ्य पर प्रभाव का वैज्ञानिक अध्ययन अत्यंत आवश्यक है। यह शोध भविष्य में नीति-निर्माताओं, स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान कर सकता है।