अयोध्या लिफ्ट देकर लूटने वाले ‘टप्पेबाज’ गिरोह का पर्दाफाश, 3 शातिर बदमाश गिरफ्तार

 

महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। जनपद में अपराध नियंत्रण और अपराधियों के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान में कोतवाली नगर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने हाईवे पर लोगों को अपनी गाड़ी में बैठाकर, उन्हें झांसा देकर पैसे चोरी करने और बीच रास्ते में छोड़कर फरार होने वाले एक संगठित अंतर्राज्यीय गिरोह के तीन शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. गौरव ग्रोवर के निर्देश और एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी के कुशल मार्गदर्शन में कोतवाली नगर पुलिस टीम ने यह कार्रवाई की। प्रभारी निरीक्षक अश्विनी कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में गठित टीम ने सोमवार को उसरू नहर की पुलिया (रायबरेली रोड) के पास से मुखबिर की सटीक सूचना पर घेराबंदी कर तीनों अभियुक्तों को दबोच लिया।
पकड़े गए अभियुक्तों का विवरण
गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान निम्नलिखित रूप में हुई है:
अनिल सिंह (34 वर्ष): निवासी मढ़ना, थाना महाराजगंज, अयोध्या। आनंद पांडेय (40 वर्ष): निवासी सनेथू, थाना पूराकलंदर, अयोध्या (यह अपराधी थाने का हिस्ट्रीशीटर HS 162A भी है)।
भास्कर पांडेय उर्फ पप्पू (48 वर्ष): निवासी सनेथू, थाना पूराकलंदर,
अयोध्या। चोरी के लिए अपनाते थे अनोखा तरीका पूछताछ में अभियुक्तों ने कुबूल किया कि वे हाईवे पर अकेले यात्रियों को लिफ्ट देने के बहाने अपनी टाटा टियागो कार में बैठाते थे। बातों-बातों में उलझाकर वे यात्री का पैसा और कीमती सामान पार कर देते थे और फिर किसी बहाने से उन्हें रास्ते में ही उतार कर भाग जाते थे। पहचान छुपाने के लिए अभियुक्तों ने कार की पिछली नंबर प्लेट हटा रखी थी ताकि कोई फोटो न ले सके। बरामदगी और आपराधिक इतिहास
पुलिस ने अभियुक्तों के पास से 25,300 रुपये नकद, घटना में प्रयुक्त टाटा टियागो कार, एक अवैध देशी तमंचा (315 बोर) और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
पकड़े गए अभियुक्तों का लंबा आपराधिक इतिहास है। विशेष रूप से आनंद पांडेय पर लूट, डकैती के प्रयास, हत्या के प्रयास और चोरी के करीब 10 मामले दर्ज हैं। वहीं भास्कर पांडेय पर 6 और अनिल सिंह पर अपहरण सहित 3 संगीन मामले दर्ज हैं। पुलिस टीम की सफलता सराहनीय कार्य करने वाली टीम में चौकी प्रभारी नवीन मंडी जयकिशोर अवस्थी, उप-निरीक्षक अखिलेश तिवारी, हेड कांस्टेबल नितेश सिंह, कांस्टेबल राम प्रवेश यादव और सिन्टू कुमार शामिल रहे। पुलिस ने अभियुक्तों के विरुद्ध बीएनएस (BNS) की सुसंगत धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया है।