मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के तहत किसानों को पंपसेट वितरित
308 पंपसेट के लक्ष्य के सापेक्ष 238 किसानों को मिला लाभ, अनुदान से बढ़ेगी आय
सिंचाई सुविधा मजबूत होने से नकदी फसलों की खेती को मिलेगा बढ़ावा
जितेन्द्र पाठक
संत कबीर नगर, लघु सिंचाई विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के अंतर्गत पूर्व निर्मित उथले नलकूपों पर पंपसेट स्थापना के लिए जनपद संतकबीरनगर में खलीलाबाद में पंपसेट वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में लाभार्थी किसानों को पंपसेट वितरित किए गए तथा उथले नलकूप, मध्यम गहरे नलकूप एवं पंपसेट के लाभार्थियों को प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए।
इस अवसर पर माननीय विधायक मेहदावल अनिल त्रिपाठी, माननीय विधायक धनघटा गणेश चंद्र चौहान, क्षेत्र पंचायत प्रमुख हैसरबाजार कालिंदी चौहान, किसान बंधु के अध्यक्ष उपेन्द्र त्रिपाठी तथा मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी द्वारा संयुक्त रूप से लाभार्थी कृषकों को पंपसेट वितरित किए गए।
सहायक अभियंता लघु सिंचाई अश्विनी कुमार शुक्ला ने जानकारी देते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कुल 308 पंपसेट का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके सापेक्ष मुख्यालय स्तर से 6.5 अश्वशक्ति के पंपसेट की आपूर्ति की गई है। जनपद के 238 उपस्थित कृषकों को ऑनलाइन आवेदन तथा कृषक अंश जमा करने की तिथि के आधार पर पहले आओ, पहले पाओ के सिद्धांत पर पंपसेट वितरित किए गए।
उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत सामान्य वर्ग के किसानों को अधिकतम 25,200 रुपये तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के किसानों को 32,400 रुपये तक का अनुदान प्रदान किया जा रहा है।
कार्यक्रम में मध्यम गहरे नलकूप के लाभार्थी प्रवीण त्रिपाठी, प्रगतिशील किसान उपेन्द्र राय तथा सुरेन्द्र राय ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि बोरिंग और पंपसेट की सुविधा मिलने से सब्जी एवं अन्य नकदी फसलों की खेती आसान हो गई है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हो रही है।
विधायक धनघटा गणेश चंद्र चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार अन्नदाता किसानों को सिंचाई सहित अन्य संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इस योजना से किसान अपनी बोरिंग पर पंपसेट लगाकर व्यावसायिक फसलों का उत्पादन कर सकेंगे, जिससे उनकी आय बढ़ेगी और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
वहीं विधायक मेहदावल अनिल त्रिपाठी ने कहा कि पहले किसानों के पास सिंचाई के पर्याप्त साधन नहीं होने के कारण उन्हें दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे समय पर फसलों की सिंचाई में कठिनाई होती थी। सरकार की इस योजना से किसानों को बड़ी राहत मिली है। समय पर सिंचाई होने से पैदावार बढ़ी है और नकदी फसलों की खेती से किसानों की आय में भी वृद्धि हुई है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी ने किसानों से पंपसेट के माध्यम से पानी का आवश्यकतानुसार उपयोग करने तथा जल संरक्षण पर विशेष ध्यान देने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि पहले सरकार द्वारा अनुदान देकर बोरिंग कराई गई थी और अब जिन स्थानों पर नहर, नाला या बिजली की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां सिंचाई के लिए पंपसेट भी अनुदान पर दिए जा रहे हैं। इससे किसानों की नहर और वर्षा पर निर्भरता कम होगी।
इस अवसर पर लघु सिंचाई विभाग के अवर अभियंता, बोरिंग तकनीशियन तथा अन्य विभागीय कर्मचारी भी उपस्थित रहे।