राजन इंटरनेशनल एकेडमी में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई होली
-पूर्व ब्लाक प्रमुख एवं निदेशक राकेश चतुर्वेदी के संयोजन में आयोजित हुआ रंगोत्सव, छात्रों में दिखा उत्साह
बस्ती। जनपद के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान राजन इंटरनेशनल एकेडमी में आज होली का पर्व पूरे उत्साह और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का संयोजन पूर्व ब्लाक प्रमुख एवं विद्यालय के निदेशक राकेश चतुर्वेदी के निर्देशन में किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर रंग-बिरंगे गुलाल, फूलों की खुशबू और बच्चों की खिलखिलाहट से सराबोर नजर आया।
कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना के साथ हुई, जिसके बाद बच्चों ने होली से जुड़े सांस्कृतिक गीतों और नृत्य प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। छात्रों ने “रंग बरसे” और अन्य पारंपरिक फाग गीतों पर मनमोहक प्रस्तुति दी। छोटे-छोटे बच्चों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। विद्यालय प्रबंधन ने भी बच्चों के साथ रंगों की खुशियां साझा कीं।
इस अवसर पर कार्यकारी निदेशक संजीव पाण्डेय ने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि प्रेम, भाईचारे और सौहार्द का प्रतीक है। हमें इस पर्व से यह सीख मिलती है कि हम अपने मन के सभी वैमनस्य को दूर कर एक-दूसरे के साथ मिलजुल कर रहें। विद्यालय परिवार का उद्देश्य केवल शिक्षा देना ही नहीं, बल्कि बच्चों को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से भी जोड़ना है।” उन्होंने सभी छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण होली मनाने की शुभकामनाएं दीं।
प्रधानाचार्य सानू एंटोनी ने कहा कि होली हमें सकारात्मकता और नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। बच्चों के चेहरों पर आज जो मुस्कान दिखाई दे रही है, वही इस आयोजन की सफलता का प्रमाण है। हमारा प्रयास रहता है कि विद्यालय में हर त्योहार को शिक्षाप्रद और अनुशासित वातावरण में मनाया जाए, ताकि छात्र न केवल आनंद लें, बल्कि उसके सांस्कृतिक महत्व को भी समझें।” उन्होंने बच्चों को प्राकृतिक रंगों के प्रयोग और पानी की बचत का संदेश भी दिया।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने भी छात्रों के साथ मिलकर होली के गीत गाए और एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं। विद्यालय परिसर में सुरक्षा और अनुशासन का विशेष ध्यान रखा गया। रंग खेलने के लिए केवल हर्बल गुलाल का प्रयोग किया गया, जिससे बच्चों की त्वचा और स्वास्थ्य सुरक्षित रहे।
पूर्व ब्लाक प्रमुख एवं निदेशक राकेश चतुर्वेदी ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय में शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियों को भी समान महत्व दिया जाता है, जिससे छात्र आत्मविश्वासी और सामाजिक रूप से जागरूक बन सकें।