महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। भारत रत्न व भूतपूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की 123वीं जयंती सोमवार को राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) द्वारा ‘किसान दिवस’ के रूप में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर रालोद पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सरयू तट स्थित चौधरी चरण सिंह घाट पहुंचकर उनकी आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और हवन पूजन कर उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
किसानों की आवाज थे चौधरी साहब रामसिंह पटेल कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित राष्ट्रीय लोकदल अवध क्षेत्र के अध्यक्ष चौधरी रामसिंह पटेल ने कहा कि चौधरी चरण सिंह केवल एक प्रधानमंत्री नहीं थे, बल्कि वे भारतीय किसानों की बुलंद आवाज और ग्रामीण भारत की राजनीतिक आत्मा थे। उन्होंने कहा, “चौधरी साहब ने जमींदारी उन्मूलन कर किसानों को जमीन का असली मालिक बनाया। नाबार्ड की स्थापना और चकबंदी कानून जैसे ऐतिहासिक कार्य उन्हीं की दूरदर्शिता की देन हैं। धोती-कुर्ता पहन लाल किले पर बढ़ाया किसानों का मान जिलाध्यक्ष बलराम यादव की अध्यक्षता में आयोजित विचार गोष्ठी को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि चौधरी साहब ने देश के पांचवें प्रधानमंत्री के रूप में पारंपरिक धोती-कुर्ता पहनकर लाल किले पर तिरंगा फहराया था। उनके इस सादगीपूर्ण व्यक्तित्व की चर्चा पूरे विश्व में हुई थी, जिससे दुनिया को पता चला कि एक किसान का बेटा भी देश के सर्वोच्च पद पर बैठकर किसानों का मान बढ़ा सकता है। महानगर अध्यक्ष अरविंद सिंह महंत के संचालन में आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्रीय महासचिव हरिश्चंद्र यादव, जिला उपाध्यक्ष प्रमोद श्रीवास्तव, युवा जिलाध्यक्ष अनिल वर्मा और महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष डॉ. शांति देवी एडवोकेट ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर प्रमुख रूप से देवी शरण वर्मा, अजीत वर्मा, राम जियावन वर्मा, समाजसेवी महेश नारायण पाण्डेय, राजित राम वर्मा, रामचंद्र पाण्डेय, जगन्नाथ वर्मा, रामविलास यादव, उमेश कुमार, घनश्याम वर्मा, दिलीप वर्मा, दयाशंकर पटेल, पप्पू वर्मा और श्याम सिंह पटेल सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।