लखनऊ। श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर की अध्यक्षता में विधान भवन स्थित सभाकक्ष 80 में विभाग की आगामी दो वर्षों की भविष्योन्मुखी कार्ययोजना पर विस्तृत बैठक संपन्न हुई। बैठक में राज्यमंत्री मनोहर लाल (मन्नू कोरी) सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि श्रमिकों के हितार्थ संचालित योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रत्येक श्रमिक और उनके परिवारों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचे और उनका लाभ उन्हें मिल सके।मंत्री ने कहा कि जनपद मुख्यालय, तहसील मुख्यालय, विकासखण्ड मुख्यालय एवं बस स्टेशनों जैसी सार्वजनिक स्थानों पर होर्डिंग्स, स्टैंडीज़ और बैनरों के माध्यम से वृहद स्तर पर प्रचार किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि सभी विभागीय कार्य समय-सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं और यदि कोई समस्या आए तो उसे तुरंत उनके संज्ञान में लाया जाए। उनका लक्ष्य है कि 2027 तक प्रदेश को बालश्रम मुक्त किया जाए, जिसके लिए विशेष ध्यान और त्वरित कार्यवाही आवश्यक है।बैठक में श्रम विभाग की आगामी कार्ययोजना में कारखानों के पंजीयन को तेजी से बढ़ाने, अपंजीकृत कारखानों को पंजीकरण में लाना, महिला कर्मियों के लिए सैनेटरी नैपकिन की व्यवस्था, महिला कर्मियों के लिए डिक्रिमिनलाइजेशन और सुरक्षा उपाय, कल्याण अधिकारियों के वेतन बढ़ाना, सेफ्टी ऑडिट को मान्यता देना और कर्मचारियों की सुरक्षा तथा स्वास्थ्य के लिए मानचित्र सुदृढ़ करना शामिल है।सेवायोजन विभाग की योजना में उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन के तहत देश और विदेश में रिक्तियों का सर्वेक्षण, प्रतिष्ठित कंपनियों और विदेश मंत्रालय से इम्पैनलमेंट, अभ्यर्थियों को जापानी, जर्मन, अंग्रेजी सहित अन्य भाषाओं में प्रशिक्षण, रोजगार के अवसरों के लिए देशों के राजदूतों से समन्वय, लखनऊ में इंटीग्रेटेड फैसिलिटेशन सेंटर की स्थापना, सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से आवासीय सुविधाएं, पोस्ट-प्लेसमेंट सेवा और दो वर्षों में लगभग छह लाख अभ्यर्थियों को देश में तथा 50 हजार अभ्यर्थियों को विदेश में रोजगार प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है।
उ0प्र0 भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की प्रस्तावित योजना में महिला श्रमिकों के स्वास्थ्य सुरक्षा उपाय, मोबाइल स्वास्थ्य सेवा, जीआईएस सर्वेक्षण, बच्चों के लिए आधुनिक पुस्तकालय, मेधावी छात्रों के लिए छात्रावास और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी की सुविधा, न्यूनतम दरों पर पुष्टाहार उपलब्ध कराना आदि शामिल हैं। इसके अतिरिक्त प्रदेश में 12 नए औषधालय और 5 चिकित्सालयों की स्थापना पर भी चर्चा हुई, जिनमें ईएसआईसी के माध्यम से प्रयागराज, फतेहपुर, अलीगढ़, वाराणसी, फिरोजाबाद, सोनभद्र, जालौन, कन्नौज और लखीमपुर खीरी में औषधालय और मुरादाबाद, अयोध्या, बुलंदशहर, ग्रेटर नोएडा और गोरखपुर में चिकित्सालयों की स्थापना स्वीकृत है।प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन डॉ. एम.के. शन्मुगा सुंदरम ने कहा कि मंत्रीगणों के मार्गदर्शन में विभाग श्रमिकों और युवाओं के कल्याण, उनके जीवन स्तर को ऊंचा उठाने तथा रोजगार उपलब्ध कराने में तत्पर है। उन्होंने मंत्रीगणों को आश्वस्त किया कि विभाग सदैव श्रमिकों एवं युवाओं के हितार्थ कार्यरत रहेगा।बैठक में कुणाल सिल्कू और नीलेश कुमार सिंह विशेष सचिव, श्रम एवं सेवायोजन, मारकण्डेय शाही श्रमायुक्त, नेहा प्रकाश निदेशक सेवायोजन, अपर निदेशक पी.के. पुण्डीर, संयुक्त सचिव गिरिराज पति द्विवेदी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।