निपुण विद्यालय आकलन से पूर्व रिमेडियल कार्य योजना पर कुदरहा में बैठक संपन्न

 

कुदरहा।
निपुण भारत मिशन के अंतर्गत जनवरी माह में प्रस्तावित निपुण विद्यालय आकलन को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से ब्लॉक संसाधन केंद्र कुदरहा में कक्षा एक एवं कक्षा दो में भाषा तथा गणित पढ़ाने वाले शिक्षकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता खंड शिक्षा अधिकारी श्री सी.पी. गोंड ने की।

बैठक में जनपद से आए एसआरजी श्री आशीष श्रीवास्तव ने शिक्षकों को अवगत कराया कि एनबीएमसी पोर्टल के विश्लेषण के अनुसार कक्षा 1 एवं 2 के कुछ विद्यार्थियों की चयनित दक्षताओं में अपेक्षित प्रगति नहीं हो पाई है। इसे ध्यान में रखते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री अनूप कुमार के नेतृत्व में 10 दिवसीय रिमेडियल कार्य योजना लागू की जा रही है। योजना के तहत प्रथम दिवस आकलन टूल के माध्यम से बेसलाइन सर्वे कर आकलन ट्रैकर में प्रविष्टि की जाएगी, जबकि दूसरे से नौवें दिवस तक संदर्शिका में वर्णित शिक्षक योजनाओं के अनुसार रिमेडियल शिक्षण किया जाएगा। विद्यार्थियों को ए एवं बी दो समूहों में विभाजित कर, बी समूह के बच्चों के लिए पुनरावृत्ति तथा ए समूह के बच्चों के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। दसवें दिन एंडलाइन आकलन कर प्रगति का तुलनात्मक विश्लेषण किया जाएगा।

एसआरजी श्री अंगद प्रसाद पांडे ने बताया कि कक्षा 1 एवं 2 में निपुण लक्ष्य के अंतर्गत मौखिक भाषा, पठन, लेखन एवं संख्यात्मक ज्ञान पर विशेष फोकस किया जाना है। इसके लिए विद्यालयों में उपलब्ध प्रिंट रिच सामग्री, संदर्शिका, गणित किट एवं स्वनिर्मित शिक्षण सामग्री का प्रभावी उपयोग किया जाएगा। प्रत्येक विद्यालय में नोडल शिक्षक नामित कर सभी विद्यार्थियों को निपुण बनाने पर जोर दिया गया।

खंड शिक्षा अधिकारी सी.पी. गोंड ने शिक्षकों से पारदर्शिता के साथ आकलन करने एवं बैठक में साझा की गई विधियों को कक्षा कक्ष में लागू करने की अपील की। निपुण सेल से श्री कृष्णानंद राय ने भाषा में दक्षता एवं स्थानिक समझ विकसित करने हेतु कार्य पुस्तिकाओं में दिए गए क्रियाकलापों के नियमित प्रयोग पर बल दिया।

बैठक में एआरपी अंकित कुमार सिंह ने ‘परीक्षा पर चर्चा’ पोर्टल के माध्यम से सहभागिता बढ़ाने के तरीके बताए, जबकि एआरपी शालू सिंह ने गणित किट का प्रयोगात्मक प्रदर्शन किया। एआरपी राम गोपाल ने निपुण तालिका को अद्यतन रखने की आवश्यकता बताई। एआरपी संजय कुमार ने कार्य पुस्तिका के प्रयोग एवं बच्चों के कार्य पूर्ण होने पर शिक्षकों के हस्ताक्षर की अनिवार्यता पर प्रकाश डाला। एआरपी जैनेंद्र कुमार ने पीछे रह गए विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने हेतु अभिभावक बैठकों के आयोजन की आवश्यकता बताई।

एमआईएस श्री प्रेमचंद मौर्य एवं क्वालिटी कोऑर्डिनेटर श्री उपेंद्र कुमार ने बताया कि प्रत्येक माह डेटा आधारित बैठकों से पूर्व एनबीएमसी पोर्टल एवं प्रेरणा पोर्टल से संबंधित डेटा विद्यालयों को उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे शिक्षक पूर्व तैयारी कर सकें।

बैठक में अशोक कुमार,रविंद्रनाथ वर्मा, श्रीकृष्ण त्रिपाठी,मनोज उपाध्याय,भारत लाल,अर्जुन कुमार,अभिषेक दुबे,अभिषेक सिंह,रोहित,अंकिता चौधरी, किरन सिंह,अंकी वर्मा,सुभाष चंद्र,सुरेंद्र चौधरी,दीनानाथ राम, हरीश चौधरी, राम अवध, राजकुमार, फूलचंद, रामवृक्ष, राहुल कुमार सहित बड़ी संख्या में शिक्षक सक्रिय रूप से उपस्थित रहे।