महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। महर्षि दलितोत्थान समिति द्वारा विजय दिवस के उपलक्ष्य में, संस्कृति निदेशालय लखनऊ के सहयोग से अयोध्या में ‘एक शाम शहीदों के नाम’ विराट कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। इस गौरवमयी संध्या में देश के विभिन्न हिस्सों से आए कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से शहीदों की शहादत को नमन किया और श्रोताओं में देशभक्ति का संचार किया। शैलेंद्र मासूम ने किया शहीदों का वंदन कार्यक्रम के दौरान प्रख्यात कवि शैलेंद्र मासूम ने अपनी ओजस्वी पंक्तियों से वीर जवानों को याद किया। शैलेंद्र मासूम ने कहा
भारत माँ की वर माटी का वंदन है, वीर शहीदों का कोटि-कोटि अभिनंदन है। उनके इस वक्तव्य ने पांडाल में मौजूद हर व्यक्ति को गौरवान्वित कर दिया और शहीदों के प्रति सम्मान की लहर दौड़ा दी।
युवा ही देश की अस्मिता के रक्षक: महापौर मुख्य अतिथि अयोध्या के महापौर महंत श्री गिरीश पति त्रिपाठी ने कहा कि आज के युवाओं को देशहित में आगे आकर अपना योगदान देना चाहिए। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “भारत है तो हम हैं और हम हैं तो देश की अस्मिता पर कोई आंच नहीं आ सकती। देर रात तक जमी काव्य गोष्ठी विकास सिंह ‘बौखल’: बाराबंकी से आए विकास सिंह ने अपनी हास्य रचनाओं से संचालन करते हुए सबको हंसाया। अनुराग मिश्र ‘गैर’: उन्नाव से आए सहायक आबकारी आयुक्त ने गजल के जरिए समां बांधा।कु. कृपा संगम: सतना से पधारी कवयित्री ने माँ शारदे की वंदना से कार्यक्रम का शुभारंभ किया।अटल नारायण व प्रद्युम्न नाथ तिवारी: प्रयागराज के इन कवियों ने ओज और अध्यात्म की त्रिवेणी बहाई।अंकिता तिवारी: अंबेडकर नगर की अंकिता ने “यही अयोध्या धाम हो” पढ़कर सबका मन मोह लिया। सम्मेलन में स्थानीय हस्ताक्षर राजीव मतवाला, शिव कुमार व्यास, तटेश मिश्र, वेद प्रकाश ‘प्रचण्ड’ और सौरभ त्रिपाठी ने भी उत्कृष्ट प्रस्तुति दी। आभार व समापन
कार्यक्रम के संयोजक अशोक टाटम्बरी ने संस्कृति निदेशालय का आभार व्यक्त किया और अगले वर्ष इसे और अधिक भव्य बनाने का संकल्प दोहराया। अंत में सह-संयोजक नागा शुभम दास ने सभी कवियों और श्रोताओं को आशीर्वचन देते हुए आभार ज्ञापित किया।