रोजगार महाकुम्भ के माध्यम से युवाओं को मिल रहे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय अवसर, वाराणसी में 8 हजार से अधिक का चयन

लखनऊ  प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए व्यापक और ठोस प्रयास कर रही है। इसी क्रम में प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन डॉक्टर एम.के. शन्मुगा सुंदरम ने बताया कि प्रदेश के युवाओं को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन’ का गठन किया गया है। इस मिशन के तहत श्रम एवं सेवायोजन विभाग द्वारा विधान सभा, लखनऊ से 18 अगस्त को ‘रोजगार महाकुम्भ 2025’ के लिए महाकुम्भ अभियान का शुभारम्भ किया गया। रोजगार महाकुम्भ के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर लगभग तीन लाख तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर करीब 25 हजार रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।उन्होंने बताया कि ‘रोजगार महाकुम्भ-2025’ के प्रथम चरण का आयोजन 26 से 28 अगस्त 2025 तक इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में किया गया, जिसमें कुल 16,212 युवाओं का रोजगार के लिए चयन हुआ। इनमें से 1,612 युवाओं का चयन विदेशों में रोजगार के लिए किया गया, जो प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।रोजगार महाकुम्भ की इसी श्रृंखला में जनपद वाराणसी में 9 और 10 दिसंबर 2025 को राजकीय आईटीआई, करौंदी परिसर में काशी सांसद रोजगार महाकुम्भ-2025 का आयोजन किया गया। इस रोजगार मेले में मार्केटिंग, प्रोडक्शन, मशीन ऑपरेटर, सेल्स, नर्सिंग, ड्राइवर, सप्लाई चेन, ऑटोमोबाइल, होटल सहित विभिन्न क्षेत्रों की लगभग 21 हजार रिक्तियों के लिए 293 कंपनियों ने प्रतिभाग किया। इन रिक्तियों के सापेक्ष हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक, आईटीआई, डिप्लोमा और परास्नातक योग्यता प्राप्त कुल 22,725 अभ्यर्थियों ने सहभागिता की।प्रमुख सचिव ने बताया कि काशी सांसद रोजगार महाकुम्भ-2025 में कुल 8,054 अभ्यर्थियों का रोजगार के लिए चयन किया गया, जिनमें 85 अभ्यर्थियों का चयन विदेशों में रोजगार के लिए हुआ है। चयनित अभ्यर्थियों में 331 महिला अभ्यर्थी और 8 दिव्यांग अभ्यर्थी भी शामिल हैं, जो समावेशी रोजगार की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है। इस रोजगार महाकुम्भ में युवाओं को अधिकतम 6 लाख रुपये वार्षिक का पैकेज भी प्राप्त हुआ।काशी सांसद रोजगार महाकुम्भ-2025 का आयोजन मंत्री, श्रम एवं सेवायोजन की अध्यक्षता में किया गया, जिसमें एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा, राज्य मंत्री रविन्द्र जायसवाल और दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, विधायक सुनील पटेल, सौरभ श्रीवास्तव और टी. राम, जिला पंचायत अध्यक्ष मौर्या सहित कई जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके साथ ही निदेशक सेवायोजन नेहा प्रकाश, जिलाधिकारी सतींद्र कुमार, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह, अपर निदेशक पी.के. पुंडीर, उप निदेशक सेवायोजन त्रिभुवन सिंह और सहायक निदेशक मुकेश कुमार भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
प्रदेश सरकार का यह प्रयास न केवल युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में एक मजबूत कदम है, बल्कि उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के संकल्प को साकार करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।