आयोजन, 92 वाद निस्तारित कर साढ़े पांच करोड़ से अधिक का मुआवजा दिलाया गया

लखनऊ इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ में 13 दिसंबर 2025 को राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। यह आयोजन उच्च न्यायालय विधिक सेवा उपसमिति, लखनऊ के तत्वावधान में वरिष्ठ न्यायमूर्ति राजन रॉय की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। लोक अदालत के माध्यम से सुलह-समझौते के आधार पर कुल 92 वादों का निस्तारण किया गया, जिसमें पक्षकारों को कुल 5 करोड़ 37 लाख 84 हजार 13 रुपये का मुआवजा प्रदान कराया गया।निबंधक (न्यायिक) (प्रशासन) एवं सचिव, उच्च न्यायालय विधिक सेवा उपसमिति, लखनऊ मनोज पाण्डेय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य न्यायालयों में लंबित मामलों का त्वरित, सरल और आपसी सहमति के माध्यम से समाधान कराना है। इसी उद्देश्य के अनुरूप आयोजित इस लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के मामलों को आपसी समझौते से निस्तारित किया गया, जिससे पक्षकारों को समय, धन और श्रम की बचत के साथ न्याय सुलभ हो सका।लोक अदालत के माध्यम से विवादों के समाधान को न्यायिक व्यवस्था का एक प्रभावी और मानवीय पक्ष बताते हुए कहा गया कि इससे न केवल न्यायालयों पर लंबित मामलों का बोझ कम होता है, बल्कि समाज में आपसी सौहार्द और विश्वास भी मजबूत होता है। इस आयोजन में अधिवक्ताओं, न्यायिक अधिकारियों और विधिक सेवा प्राधिकरण से जुड़े कर्मियों की सक्रिय भूमिका रही, जिसके चलते लोक अदालत को उल्लेखनीय सफलता मिली।राष्ट्रीय लोक अदालत के इस सफल आयोजन को न्याय तक सरल और त्वरित पहुंच की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे आम नागरिकों में वैकल्पिक विवाद निस्तारण प्रणाली के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है।

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