सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल देश के टॉप टेन स्कूलों में शामिल है-हिमांशु सेन
-पर्सनालिटी व कॉन्फिडेंस डेवलपमेंट पर विशेष फोकस, 45 एक्टिविटीज में भाग लेते हैं छात्र
बस्ती। रंगों के पावन पर्व होली के अवसर पर सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल बस्ती के निदेशक हिमांशु सेन ने समस्त देशवासियों, जनप्रतिनिधियों, छात्रों एवं अभिभावकों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि होली का यह त्योहार आपसी प्रेम, भाईचारे और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। यह पर्व समाज को एक सूत्र में बांधने का संदेश देता है और हमें मिलकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
निदेशक हिमांशु सेन ने कहा कि सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है और देश के टॉप टेन स्कूलों की श्रेणी में अपनी पहचान बना चुका है। उन्होंने बताया कि विद्यालय की सबसे बड़ी विशेषता उसका उच्च शिक्षण स्तर और अनुभवी शिक्षक-शिक्षिकाएं हैं। यहां लगभग 70 प्रतिशत शिक्षक बाहरी राज्यों से हैं, जो अपने साथ विविध अनुभव और आधुनिक शिक्षण पद्धतियां लेकर आते हैं। इससे छात्रों को व्यापक दृष्टिकोण और प्रतिस्पर्धात्मक माहौल मिलता है।
उन्होंने कहा कि विद्यालय में केवल पाठ्यपुस्तक आधारित शिक्षा ही नहीं, बल्कि छात्रों के व्यक्तित्व विकास और आत्मविश्वास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। “हमारा उद्देश्य है कि बच्चे केवल परीक्षा में अच्छे अंक ही न लाएं, बल्कि जीवन की हर चुनौती का आत्मविश्वास के साथ सामना करने में सक्षम बनें।
विद्यालय में संगीत, कला, खेल और व्यावसायिक समझ जैसे विभिन्न क्षेत्रों में भी छात्रों को प्रशिक्षित किया जाता है।
निदेशक हिमांशु सेन ने बताया कि यहां के बच्चे गिटार और पियानो जैसे वाद्य यंत्र सहजता से बजा लेते हैं। इसके साथ ही उन्हें आधुनिक वित्तीय समझ भी दी जाती है, ताकि वे कम उम्र में ही आर्थिक अवधारणाओं को समझ सकें। छात्र गोल्ड और सिल्वर के बाजार की चर्चा करते हैं, कंपाउंड इंटरेस्ट (चक्रवृद्धि ब्याज) की गणना समझते हैं और बिजनेस मॉडल का विश्लेषण करना सीखते हैं।
उन्होंने कहा कि आज के समय में केवल किताबों का ज्ञान पर्याप्त नहीं है। बच्चों को वास्तविक जीवन से जुड़े विषयों की जानकारी होना भी जरूरी है। यही कारण है कि विद्यालय में छात्रों को विभिन्न उद्योगों और संस्थानों के कार्यप्रणाली से परिचित कराया जाता है। उदाहरण के तौर पर बच्चे Indian Premier League (आईपीएल) के बिजनेस मॉडल को समझते हैं और यह भी जानने की कोशिश करते हैं कि एक बड़े आयोजन को सफल बनाने के पीछे क्या रणनीति और प्रबंधन कार्य करता है। इसी तरह वे स्कूल के प्रशासनिक और शैक्षणिक मॉडल को भी समझने लगे हैं।
निदेशक हिमांशु सेन ने बताया कि विद्यालय में कुल 45 प्रकार की सह-शैक्षणिक गतिविधियों में छात्र भाग लेते हैं। इनमें खेलकूद, वाद-विवाद, नृत्य, संगीत, विज्ञान प्रोजेक्ट, रोबोटिक्स, पब्लिक स्पीकिंग और नेतृत्व प्रशिक्षण जैसी गतिविधियां शामिल हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के अंदर छिपी प्रतिभा को निखारने का प्रयास किया जाता है।
अंत में उन्होंने एक बार फिर होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रंगों का यह त्योहार सभी के जीवन में नई उमंग, ऊर्जा और सफलता लेकर आए। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की प्रतिभा को पहचानें और उन्हें सकारात्मक माहौल प्रदान करें, ताकि वे भविष्य में देश और समाज का नाम रोशन कर सकें।