भगवान की भक्ती में ही शक्ति है- आचार्य धरणीधर जी महाराज
जितेन्द्र पाठक
*सन्तकबीरनगर।* मेंहदावल उत्तर पट्टी कस्बे में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस आचार्य धरणीधर जी महाराज ने कहा जीवन में भागवत कथा सुनने का सौभाग्य मिलना बड़ा दुर्लभ है। जब भी हमें यह सुअवसर मिले, इसका सदुपयोग करना चाहिए। कथा सुनते हुए उसी के अनुसार कार्य करें। कथा का सुनन तभी सार्थक होगा। जब उसके बताए हुए मार्ग पर चलकर परमार्थ का काम करें।श्रीमद् भागवत महापुराण कथा ज्ञान यज्ञ के दौरान आचार्य धरणीधर जी के द्वारा उपस्थित श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन किया गया। इस अवसर पर कथा के चतुर्थ दिन आचार्य जी ने भगवान कृष्ण के जन्म एवं लीलाओं की कथा सुनाकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। आचार्य धरणीधर जी ने मार्गदर्शन करते हुए कहा कि परमात्मा ही परम सत्य है। जब हमारी वृत्ति परमात्मा में लगेगी तो संसार गायब हो जाएगा। प्रश्न यह है कि परमात्मा संसार में घुले-मिले हैं तो संसार का नाश होने पर भी परमात्मा का नाश क्यों नहीं होता। इसका उत्तर यही है कि भगवान संसार से जुड़े भी हैं और अलग भी हैं। आकाश में बादल रहता है। और बादल के अंदर भी आकाश तत्व है। बादल के गायब होने पर भी आकाश गायब नहीं होता। इसी तरह संसार गायब होने पर भी परमात्मा गायब नहीं होते। संसार की कोई भी वस्तु भगवान से अलग नहीं है। इस अवसर पर मुख्य यजमान लालजी जायसवाल,संजय कुमार जायसवाल,नितिन जायसवाल, विनोद गुप्ता,राम शरण सिंह,गौरीशंकर,सोनी,शिवजी जायसवाल,रमेश सिंह,राहुल,डा.इन्द्र देव शुक्ल,पन्ना लाल,रंजन गुप्ता, विशाल साहू,विजय गुप्ता,श्रीप्रकाश जायसवाल,शिवजी कांदू,रमेश कांदू समेत तमाम लोग मौजूद रहे।