सप्त दिवसीय “श्रीमद्भागवत कथा एवं जनजागरण महोत्सव” का हुआ समापन — कल महाप्रसाद एवं भव्य भंडारा, हज़ारों श्रद्धालुओं ने की सहभागिता

प्रतापगढ़: डॉ. निरुपमा सिंह ने पेश की सेवा और संवेदना की अनुपम मिशाल, ट्राइसाइकिल पाकर 12 दिव्यांगजनों के खिले चेहरे

 

अंतिम चरण में पहुंची ग्राम खूझी में आयोजित “श्रीमद्भागवत कथा” का आयोजन, सातवें दिन दिव्यांगजन सशक्तिकरण का सन्देश

 

प्रतापगढ़। ग्राम खूझी (ब्लॉक मांधाता), प्रतापगढ़ में ‘स्तुति चैरिटेबल सोसायटी’ द्वारा आयोजित सप्त दिवसीय “श्रीमद्भागवत कथा एवं जनजागरण महोत्सव” रविवार को भव्य रूप से संपन्न हुआ। हज़ारों श्रद्धालुओं की सहभागिता के साथ यह आयोजन सामाजिक जागरूकता, भक्ति और जनसेवा का अनोखा संगम बनकर उभरा। सातवां और अंतिम दिन पूर्णतः दिव्यांगजन सशक्तिकरण को समर्पित रहा, जिसमें संस्था की अध्यक्षा डॉ. निरुपमा सिंह के नेतृत्व में 12 जरूरतमंद दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल वितरित की गईं। ट्राइसाइकिल प्राप्त कर दिव्यांग लाभार्थियों के चेहरे खुशी से दमक उठे, और उनके परिजनों ने इस मानवीय पहल के लिए डॉ. निरुपमा सिंह एवं संस्था के प्रति आभार जताया। डॉ. निरुपमा सिंह ने इस अवसर पर कहा कि “समाज का वास्तविक उत्थान तभी संभव है जब सबसे जरूरतमंद लोगों को मुख्यधारा में लाकर उन्हें सम्मान और आत्मनिर्भरता का अवसर दिया जाए। ‘सेवा परमो धर्मः’ हमारा केवल संदेश नहीं, बल्कि हमारा संकल्प है।” कार्यक्रम के प्रथम सत्र में दिव्यांगजनों के अधिकारों, सरकारी कल्याणकारी योजनाओं और सहायता कार्यक्रमों पर विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने प्रक्रियाओं, पात्रता एवं आवेदन से जुड़ी तकनीकी जानकारी भी ग्रामीणों को उपलब्ध कराई, ताकि अधिक से अधिक लोग इन योजनाओं का लाभ उठा सकें। श्रीमद्भागवत कथा एवं जनजागरण महोत्सव” ने अपने सात दिनों में समाज के विभिन्न आयामों—स्वास्थ्य, पर्यावरण, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, दिव्यांगजन सेवा और आध्यात्मिक उत्थान—को एक साथ जोड़कर ग्रामीण क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव का सशक्त संदेश दिया। सामाजिक समावेशन, संवेदना और सेवा की भावना से परिपूर्ण यह महोत्सव आने वाले समय में भी समाज को प्रेरणादायक दिशा प्रदान करेगा। आयोजन समिति ने बताया कि कथा समापन के उपरांत कल, 18 नवम्बर को महाप्रसाद वितरण एवं भव्य भंडारा आयोजित किया जाएगा, जिसके लिए ग्रामीणों में उत्साह का विशेष माहौल है।