अनुराग लक्ष्य 7 जुलाई
सलीम बस्तवी अज़ीज़ी
मुम्बई संवाददाता ।
सियासी पार्टियों में नेताओं का इधर से उधर जाकर अपना राजनैतिक भविष्य तलाशना कोई नई बात नहीं है। बात चाहे अपने वर्चस्व की हो या नीतियों के खिलाफ अलग हो जाने की बात हो ।
आपको याद होगा कि बसपा सरकार में डॉ मसूद की क्या हैसियत थी । वोह एक कद्दावर नेता की हैसियत रखते थे। लेकिन कुछ तो ऐसा हुआ जिसकी वजह से वो बसपा से अपने दामन को दूर रखने में ही अपनी भलाई समझी।
खैर, खुशी की बात यह है कि वो एक लंबे समय बाद सांसद चन्द्र शेखर आज़ाद के नेतृत्व वाली आज़ाद समाज पार्ट ( कांशीराम ) की सदस्यता ग्रहण कर ली। उनके साथ कांग्रेस, राष्ट्रीय लोकदल और अन्य दलों के कार्यकर्ता, पदाधिकारी और समर्थकों ने भी आज़ाद समाज पार्ट में शामिल हो गए।
लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सांसद एवम् राष्ट्रीय अध्यक्ष चन्द्र शेखर आज़ाद ने डॉ मसूद का स्वागत किया।
इस अवसर पर श्री आज़ाद ने कहा कि डॉ मसूद के पार्टी में आ जाने से
बहुजन आंदोलन को एक नई दिशा के साथ पार्टी को और मजबूती प्रदान होगी।
इस अवसर पर आज़ाद समाज पार्ट के सचिव, पटेल रामेश्वर पवन, डॉ आफाक रज़ा, प्रदेश अध्यक्ष पूर्व एम एल सी सुनील चित्तौड़, राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य मोहम्मद आकिब, प्रदेश महा सचिव यशवंत मौर्य, राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य सतपाल चौधरी के अतिरिक्त कई अन्य समर्थक भी शामिल रहे।