सामाजिक क्षेत्र में प्रौद्योगिकी: एक सशक्त भारत हेतु स्मार्ट समाधान” विषय पर विश्व युवक केंद्र में सम्पन्न हुआ 41वाँ संयुक्त स्टाफ विकास कार्यक्रम

सामाजिक क्षेत्र में प्रौद्योगिकी: एक सशक्त भारत हेतु स्मार्ट समाधान” विषय पर विश्व युवक केंद्र में सम्पन्न हुआ 41वाँ संयुक्त स्टाफ विकास कार्यक्रम

नई दिल्ली: विश्व युवक केंद्र नई दिल्ली द्वारा कोनराड एडेनॉवर स्टिफ्टुंग भारत कार्यालय के संयुक्त तत्वावधान में 8 से 11 नवम्बर 2025 तक 41वाँ संयुक्त स्टाफ विकास कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। चार दशकों से अधिक समय से सशक्त परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, इस वर्ष का कार्यक्रम “सामाजिक क्षेत्र में प्रौद्योगिकी: एक सशक्त भारत हेतु स्मार्ट समाधान” विषय पर केन्द्रित रहा।

इस चार दिवसीय कार्यक्रम में देशभर से 100 से अधिक गैर-सरकारी संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों, नीति-निर्माताओं, विशेषज्ञों, डिजिटल नवाचारकर्ताओं और युवा विकास संगठनों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य यह समझना था कि उभरती प्रौद्योगिकियाँ—जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल डेटा प्रणालियाँ, साइबर सुरक्षा और सामाजिक मीडिया—सामाजिक क्षेत्र की प्रभावशीलता को किस प्रकार बढ़ा सकती हैं।

 

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और स्वागत संबोधन के साथ हुआ।

मुख्य अतिथि डॉ. पंकज सिंह, माननीय मंत्री (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, परिवहन एवं आईटी), दिल्ली सरकार, ने स्वयंसेवी संगठनों के मानवीय प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि:

 

“सामाजिक चुनौतियों के प्रभावी समाधान में सहयोग और बहु-हितधारक सहभागिता अनिवार्य है। तकनीक वास्तविक परिवर्तन को गति देने का एक सशक्त माध्यम है।”

 

पद्मश्री डॉ. जे. एस. राजपूत, पूर्व निदेशक, एनसीईआरटी एवं भारत प्रतिनिधि—यूनेस्को, ने अपने प्रेरक विचार साझा करते हुए कहा कि भारत की सभ्यतागत विरासत, नैतिक नेतृत्व और मानव-केंद्रित तकनीक मिलकर भविष्य के सामाजिक परिवर्तन की नींव बनाते हैं।

 

डॉ. एड्रियन हॉक ने की 41 वर्षीय यात्रा और भारत में के 58 वर्षों के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि यह नेटवर्क केवल संवाद का मंच नहीं, बल्कि वास्तविक सामाजिक परिवर्तन की दिशा में कार्य कर रहा जीवंत तंत्र है।

 

विश्व युवक केंद्र के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री उदय शंकर सिंह ने अपने संबोधन में कहा:

 

सशक्त सहयोग, साझा दृष्टिकोण और विकास के प्रति प्रतिबद्धता की चार दशकों की यात्रा का प्रतीक है। सिविल सोसायटी राष्ट्र निर्माण की धड़कन है, जिसे हर पीढ़ी को समर्पण और उत्तरदायित्व के साथ आगे ले जाना चाहिए।”

 

कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में हमने ‘युवा संवाद’ डिजिटल मंच का शुभारंभ भी किया। यह एक सशक्त, सहभागी और युवा-केंद्रित प्लेटफॉर्म है, जिसका उद्देश्य देशभर के युवाओं की आवाज़ को मजबूत करना, सार्थक संवाद को बढ़ावा देना और उभरते नेताओं को आगे लाना है।

 

युवा संवाद युवा प्रतिभाओं, विद्यार्थियों, सामुदायिक नेतृत्वकर्ताओं और नवाचार करने वाले युवाओं को एक साझा मंच प्रदान करेगा, जहाँ वे शिक्षा, कौशल, रोजगार, सामाजिक परिवर्तन और नागरिक सहभागिता जैसे मुद्दों पर अपने विचार रख सकें। यह प्लेटफॉर्म संवाद, सीख और सहयोग को बढ़ाने के लिए डिजिटल चर्चाएँ, प्रेरक कहानियाँ, विशेषज्ञ सत्र और सामुदायिक पहलों को प्रोत्साहित करेगा।

 

दीर्घकाल में, युवा संवाद का उद्देश्य एक ऐसा राष्ट्रीय नेटवर्क बनाना है जो युवाओं को न केवल जोड़ता है, बल्कि उन्हें नेतृत्व, अभिव्यक्ति और जनभागीदारी के लिए प्रेरित भी करता है—ताकि वे भारत के विकास और लोकतांत्रिक यात्रा में सार्थक भूमिका निभा सकें।

 

समापन सत्र: आभार, चिंतन और भविष्य की दिशा

 

समापन सत्र में प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए।

श्री उदय शंकर सिंह ने नेटवर्क की महत्ता पर बल देते हुए कहा कि:

 

“नागरिक समाज लोकतंत्र की नैतिक रीढ़ है, और जैसे मंच सहयोग, सीखने और नवाचार की सतत यात्रा को आगे बढ़ाते हैं।”

 

श्री कनिष्क विज, कार्यक्रम अधिकारी, ने भी उत्कृष्ट समन्वय और प्रतिभागी संस्थाओं के सक्रिय योगदान की सराहना की। उन्होंने नेटवर्क को दस्तावेज़ीकरण, डिजिटल दृश्यता और समावेशन की दिशा में और सशक्त बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

 

कार्यक्रम का समन्वयन विश्व युवक केंद्र से श्री अजीत कुमार राय (वरिष्ठ अधिकारी – सस्टेनेबिलिटी एवं डेवलपमेंट) और से श्री कनिष्क विज (प्रोग्राम अफ़सर) द्वारा किया गया। चार दिवसीय जेएसडीपी 2025 का सफल समापन आभार, आशा और एक नये संकल्प के साथ हुआ कि यह नेटवर्क नवाचार, सत्यनिष्ठा और समावेशिता के साथ भारत को और अधिक सशक्त, संवेदनशील और सतत भविष्य की ओर अग्रसर करेगा।