महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। भगवदा चार्य स्मारक सदन में संत श्री तुलसी दास राम लीला समिति के संयोजन में संचालित राम लीला महोत्सव का भव्य समापन 4 अक्टूबर को भगवान श्री राम के राज्याभिषेक के साथ हुआ। यह महोत्सव पारंपरिक उल्लास और संतों के सान्निध्य में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
राज्याभिषेक की शुरुआत गोस्वामी तुलसीदास की प्रसिद्ध चौपाई “प्रथम तिलक वशिष्ठ मुनि कीन्हा” की भावना के अनुरूप हुई। इस क्रम में, सर्वप्रथम दशरथ महल पीठाधीश्वर विंदु गद्दाचार्य स्वामी देवेंद्र प्रसादाचार्य महाराज द्वारा वशिष्ठ जी के रूप में भगवान श्री राम के स्वरूप को तिलक लगाकर पुष्पहार, अंग वस्त्र, और द्रव्य अर्पित किया गया।
इसके पश्चात, कई प्रतिष्ठित संत-महंतों और गणमान्य व्यक्तियों ने भगवान का राज्याभिषेक कर आशीर्वाद लिया। तिलक और भेंट अर्पित करने वालों में शामिल थे। जगद गुरु स्वामी राम दिनेसा चार्य महाराज, रंग महल पीठाधीश्वर स्वामी राम शरण दास जी महाराज, रसिक पीठाधीश्वर स्वामी जनमेजय शरण जी महाराज, बड़ा भक्त माल पीठाधीश्वर स्वामी अवधेश कुमार दास महाराज,संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत संजय दास महाराज, निर्वाणी अनी के महामंत्री महंत सत्य देव दास महाराज, श्रृंगी ऋषि आश्रम के पीठाधीश्वर महंत हेमंत दास महाराज, महंत नागा राम लखन दास महाराज, अयोध्या तीर्थ पुरोहित धर्मार्थ सेवा ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश राजेश महाराज,खड़े हनुमान जी के उत्तराधिकारी महंत छवि राम दास महाराज राजेश पहलवान,इस अवसर पर, अयोध्या के विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने भी भगवान का तिलक कर पुष्पहार, अंगवस्त्र और द्रव्य अर्पण किया।
अंत में, संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत संजय दास महाराज ने राम लीला महोत्सव को सकुशल संपादित कराने के लिए बड़ा भक्त माल पीठाधीश्वर स्वामी श्री अवधेश कुमार दास महाराज, रसिक पीठाधीश्वर स्वामी जनमेजय शरण महाराज, सहित अन्य सभी संत-महंतों, अतिथियों, और भक्तों के प्रति शुभकामनाएं और आभार ज्ञापित किया। महोत्सव के सफल समापन से अयोध्या में भक्ति और उल्लास का वातावरण छा गया।