लखनऊ, पूरे देश में स्वच्छता सर्वेक्षण में तीसरे स्थान पर आने वाले लखनऊ शहर की वास्तविक स्थिति बेहद चिंताजनक सामने आई है। जानकीपुरम सेक्टर-7 निवासी राजेश कौशल की डायरिया के चलते मृत्यु ने शहर में गंदगी और अस्वच्छता की भयावह तस्वीर उजागर कर दी।उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री अजय राय ने 24 अगस्त 2025 को मृतक राजेश कौशल के आवास पहुंचकर परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त की और घटना की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि लखनऊ की मुख्य सड़कों से थोड़ी ही दूर गंदगी का अंबार दिखाई देता है। बजबजाती नालियाँ सड़क तक फैल चुकी हैं और नाली का पानी पीने के पानी में मिला हुआ है, जिससे आम नागरिकों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।श्री राय ने इस अवसर पर नगर निगम और प्रदेश सरकार की जमकर आलोचना करते हुए कहा कि योगी सरकार सिर्फ जुमलों और दिखावे तक सीमित है। धरातल पर स्थिति भयावह है। पूरे शहर में गंदगी का साम्राज्य है और दूषित पानी के कारण लोग रोजाना संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है और यहां कोई ठोस काम नहीं हो रहा, केवल कागजी खानापूर्ति और बिल बन रहे हैं।श्री राय ने मृतक परिवार को कांग्रेस पार्टी की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया और कहा कि यह घटना पूरे शहर में स्वच्छता और स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलती है। उन्होंने चेताया कि जनता अब दिखावे और प्रचार से संतुष्ट नहीं रहेगी और सच्चाई उजागर होगी।यह मामला लखनऊ में सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता की गंभीर स्थिति को लेकर न केवल चिंता का विषय है, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही पर भी सवाल खड़े करता है।