( तीस वर्षों का सुहाना सफर और अनुराग लक्ष्य ) अभी तो आस्माँ के पार जाना है तुम्हें इक दिन, सलीम बस्तवी अज़ीज़ी,,,,,,,

अनुराग लक्ष्य, 04 जुलाई
सलीम बस्तवी अज़ीज़ी
मुम्बई संवाददाता ।
,,, किया था जो कभी वादा वही वादा निभाना तुम,
कभी सहरा में भी चलना पड़े तो मुस्कुराना तुम,
अभी तो आस्माँ के पार जाना है तुम्हें इक दिन,
जहाँ तक हो सके रिश्ता क़लम से ही बनाना तुम,,,,
त्वारीख़ शाहिद है इतिहास साक्षी है कि जब जब कोई इंसान अपने कार्य क्षेत्र को जुनून की हद तक प्यार करने लगता है। तो उसे दुनिया की कोई भी ताक़त परास्त नहीं कर सकती है।
आज यह बात पूरी तरह चरितार्थ हो गई है कि अनुराग लक्ष्य के संपादक मेरे अज़ीज़ दोस्त विनोद कुमार उपाध्याय उसी जोश ओ जुनून के मालिक हैं, जिनको मैने उक्त चार पंक्तियों में समेटा है।
मैं सलीम बस्तवी अज़ीज़ी आज यह बात पूरी ईमानदारी से कहना चाहता हूँ कि आज के इस दौर में जहाँ मीडिया इतनी हाइटिक हो गई है, ऐसे वातावरण में अख़बार और पत्रिका निकालना और पाठकों तक उसे पहुंचाना, निश्चित तौर पर यह एक जोखिम भरा काम है जिसे विनोद कुमार उपाध्याय ने बखूबी अंजाम दिया।
विगत 30 वर्षों से अनुराग लक्ष्य पूरे देश में अपनी कामयाबी के झंडे गाड़ रही है और अब अपने 31 वें सफर का आग़ाज़ भी कर रही है। इस खास मौके पर मैं अनुराग लक्ष्य के पाठकों का तहे दिल से Shukrguzar हूँ, जिन्होंने अनुराग लक्ष्य को इतना प्यार और दुलार दिया।
इस खास मौके पर 5 जुलाई को 11 बजे दिन में प्रेस क्लब के सभागार में एक सारस्वत सम्मान समारोह के साथ कवि सम्मेलन और मुशायरे का भी आयोजन किया गया है, जिसके मुख्य अतिथि श्री राजेंद्र प्रसाद चौधरी विधायक रुदौली उपस्थित रहेंगे।