वेद मंदिर में भी झूला उत्सव की छटा, हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति
अयोध्या। सावन का पावन महीना रामनगरी अयोध्या में भक्ति, उल्लास और परंपरा के रंग में पूरी तरह डूबा हुआ है। इसी क्रम में सिंगर हॉट स्थित वेद मंदिर में भी सावन झूला उत्सव बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है।
महंत के अनुसार, अयोध्या में यह परंपरा भगवान श्रीराम के काल से ही चली आ रही है। सबसे पहले मणि पर्वत पर झूला पड़ता है और इसके बाद संपूर्ण अयोध्या में झूला उत्सव की शुरुआत होती है। वेद मंदिर में यह परंपरा 1950 के दशक से निरंतर चल रही है, जहां श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ प्रतिवर्ष यहां उमड़ती है। देशभर से लाखों की संख्या में भक्त अयोध्या पहुंचते हैं और भगवान श्रीराम के झूले के दर्शन कर अपना जीवन धन्य मानते हैं। यह उत्सव सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि आराध्य को नजदीक से प्रणाम करने का एक दुर्लभ अवसर माना जाता है।
पूरे सावन मास तक चलने वाला यह उत्सव रक्षाबंधन के दिन सम्पन्न होता है। अयोध्या इस दौरान संपूर्ण रूप से उत्सवधर्मी वातावरण में लिपटी रहती है, जहां हर मंदिर, गली और चौक से हर-हर महादेव और जय श्रीराम के जयघोष गूंजते हैं।
वेद मंदिर के महंत ने बताया कि आने वाले दिनों में आयोजन और भी भव्य रूप लेगा, जिसमें झूला सेवा के साथ-साथ भजन, कीर्तन और भंडारे भी होंगे। अयोध्यावासियों के लिए यह पर्व संस्कार, भक्ति और संस्कृति का संगम है, जिसे हर वर्ष श्रद्धा से निभाया जाता है।